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सीएम मोहन यादव ने ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में पंचायतन मंदिर का किया शिलान्यास

खंडवा, 27 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को यहां एकात्मा धाम में एक भव्य पंचायती मंदिर की आधारशिला रखी। यह परियोजना आदि शंकराचार्य के आध्यात्मिक दर्शन के साथ-साथ प्राचीन भारत की स्थापत्य परंपराओं को प्रदर्शित करने का प्रयास करती है।
 

खंडवा, 27 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को यहां एकात्मा धाम में एक भव्य पंचायती मंदिर की आधारशिला रखी। यह परियोजना आदि शंकराचार्य के आध्यात्मिक दर्शन के साथ-साथ प्राचीन भारत की स्थापत्य परंपराओं को प्रदर्शित करने का प्रयास करती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पत्नी सीमा के साथ संन्यास परंपरा के प्रतिनिधियों, षड्दर्शन संत मंडल के संतों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित एक समारोह में 45 पवित्र पत्थरों की पूजा की।

पूजा समारोह आंध्र प्रदेश के श्री वेंकटेश्वर वेद विज्ञान पीठम के प्रधान और कर्नाटक के दक्षिणाम्नाय शारदा पीठम और श्री श्री गुरुकुल से जुड़े आचार्यों द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किया गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, "पंचायतन पूजा आदि शंकराचार्य के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है जिसमें पूजा की विभिन्न परंपराओं के बीच सामंजस्य स्थापित करने की बात कही गई थी। यह संदेश देती है कि पूजा के विभिन्न रूप अंततः एक ही सर्वोच्च वास्तविकता की ओर ले जाते हैं।"

यह मंदिर पारंपरिक नागर शैली में बनाया जा रहा है और इसमें लगभग 80,000 घन फुट गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग किया जाएगा। मुख्य गर्भगृह में भगवान शिव विराजमान होंगे, जबकि मंदिर परिसर के चारों कोनों पर भगवान विष्णु, सूर्य, गणेश और देवी शक्ति को समर्पित चार सहायक गर्भगृह स्थित होंगे। मुख्य गर्भगृह में सोमतिलक शैली का शिखर होगा, जबकि गर्भगृह सर्वतोभद्र शैली में निर्मित होगा और इसमें चारों दिशाओं से प्रवेश द्वार होंगे।

इस मंदिर में कलात्मक रूप से नक्काशीदार 100 स्तंभ, आठ सम्वर्ण संरचनाएं और अलंकृत तोरणद्वार होंगे। इसके मुख्य मंडप में 26 फुट व्यास का गुंबद होगा, जो परिसर के प्रमुख वास्तुशिल्पीय तत्वों में से एक है।

यह संरचना 16 फुट ऊंचे जगती स्तंभ पर खड़ी होगी और 121 कलशों से सुशोभित होगी। इसके बाहरी भाग में भद्र, कर्ण, प्रतिरथ और देवकोष्ठ जैसे पारंपरिक तत्वों के साथ-साथ सजावटी पैनल भी शामिल होंगे।

आदि शंकराचार्य द्वारा पुनर्जीवित की गई पंचायती व्यवस्था, शिव, विष्णु, सूर्य, गणेश और शक्ति को एक ही सर्वोच्च वास्तविकता के विभिन्न रूपों के रूप में मानकर शैव, वैष्णव, शाक्त, सौर और गणपति परंपराओं के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करती है।

एकात्मा धाम स्थित मंदिर को पूजा-अर्चना के केंद्र के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय वास्तुकला और मूर्तिकला के प्रदर्शन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी