केरल सीएम सतीशन मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी के आगे ‘दंडवत’ कर रहे हैं: के सुरेंद्रन
कोझिकोड, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय सचिव के. सुरेंद्रन ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सतीशन सुबह-शाम इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और जमात-ए-इस्लामी के सामने ‘दंडवत नमस्कार’ कर रहे हैं और उनकी सरकार इन दोनों संगठनों के नियंत्रण में है।
कोझिकोड में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सुरेंद्रन ने कहा, “वी.डी. सतीशन और उनकी सरकार मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी के कब्जे में है।”
उन्होंने कहा कि जब सतीशन के नेतृत्व में यूडीएफ सरकार सत्ता में आई थी, तब भाजपा ने आशंका जताई थी कि वास्तव में सरकार मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी चलाएंगे। सुरेंद्रन के मुताबिक, सरकार के 130 दिन पूरे होने के बाद केरल की जनता भी यह बात समझ चुकी है।
सुरेंद्रन ने दावा किया कि मुस्लिम लीग के पास सरकार में कैबिनेट स्तर के छह पद हैं। इनमें पांच मंत्री महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं, जबकि एक पद प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष का है।
उन्होंने कहा, “केरल के राजनीतिक इतिहास में पहली बार मुस्लिम लीग के पास छह कैबिनेट स्तर के पद हैं। हमें वह राजनीतिक बहस भी याद है, जब ओमन चांडी सरकार के दौरान मुस्लिम लीग ने पांचवें मंत्री की मांग की थी।”
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सतीशन सरकार के गठन के पहले दिन से ही मुस्लिम लीग शासन से जुड़े फैसलों में दखल दे रही है।
सुरेंद्रन ने कहा कि लोगों ने पिछली एलडीएफ सरकार के कथित कुशासन, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और प्रशासनिक विफलताओं के बाद बदलाव की उम्मीद में यूडीएफ को वोट दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यूडीएफ ने नए केरल का वादा किया था, लेकिन लोगों को बिजली कटौती और बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोक सेवा आयोग (पीएससी) की रैंक लिस्ट की वैधता बढ़ाने का वादा पूरा नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सबरीमाला जांच को पूरी तरह से कमजोर कर दिया गया है और राज्य सरकार पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन तथा उनके परिवार को बचा रही है।
सुरेंद्रन ने दावा किया कि सरकार की मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी पर कथित निर्भरता से ध्यान भटकाने के लिए राज्य में विवाद पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में भाजपा कार्यालय पर हुए हमले को भी इसी कथित रणनीति से जोड़कर देखा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी के दबाव के चलते सतीशन सरकार प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना को लागू करने से पीछे हट गई।
सुरेंद्रन ने यह भी दावा किया कि ‘इंदिरा गारंटी’ के तहत किए गए पांच आश्वासनों में से केवल एक को ही लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मुद्दे, बिजली कटौती, पीएससी में कथित भ्रष्टाचार और रैंक लिस्ट की वैधता बढ़ाने को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
भाजपा नेता ने कहा, “शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।” हालांकि, सुरेंद्रन के ये सभी आरोप राजनीतिक दावे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इनके समर्थन में विस्तृत दस्तावेज या स्वतंत्र सत्यापन प्रस्तुत नहीं किया।
--आईएएनएस
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