सीएम सतीशन ने पलक्कड़ रेलवे डिवीजन से मंगलुरु को स्थानांतरित करने को वापस लेने की मांग की
तिरुवनंतपुरम, 22 अगस्त (आईएएनएस)। रेलवे बोर्ड के मंगलुरु को पलक्कड़ डिवीजन से हटाकर मैसूरु डिवीजन में शामिल करने के फैसले पर केरल में विरोध तेज हो गया है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शनिवार को इस फैसले को एकतरफा और आपत्तिजनक बताते हुए केंद्र से पुनर्विचार करने की मांग की।
मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि यह फैसला राज्य को बताए बिना और बिना किसी चर्चा के लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले के तुरंत समाधान के लिए केंद्र सरकार से संपर्क करेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजा जाएगा।
सीएम सतीशन ने कहा, "यह मांग कि फैसले पर पुनर्विचार किया जाए, केरल की एकजुट मांग है।" उन्होंने कहा कि राज्य के सभी सांसदों के सहयोग से केंद्र पर दबाव बनाया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और राजस्व पैदा करने वाले मंगलुरु जंक्शन को पलक्कड़ डिवीजन से हटाने से उसकी आय में काफी कमी आएगी और उसके भविष्य के विकास पर बुरा असर पड़ेगा।
इस कदम का दक्षिण रेलवे पर भी व्यापक असर पड़ेगा। उल्लाल से मंगलुरु तक का हिस्सा, जो फिलहाल दक्षिण रेलवे के अधीन है, उसे दक्षिण पश्चिम रेलवे के अधीन लाने का प्रस्ताव है। सतीशन ने कहा कि इससे दक्षिण रेलवे और केरल दोनों को बड़ा नुकसान होगा।
रेलवे बोर्ड के इस कदम का राजनीतिक विरोध भी तेज हो गया है। कांग्रेस के लोकसभा सांसद एमके राघवन और वीके श्रीकांतन ने भी फैसले के तरीके पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी सांसद को इस प्रस्तावित बदलाव के बारे में सूचित नहीं किया गया था।
एमके राघवन ने कहा कि यह कदम कई सालों से तैयारी में था और आरोप लगाया कि मंगलुरु सेक्टर को शिफ्ट करने के प्रयास तब शुरू हुए थे जब तमिलनाडु के एक नेता केंद्रीय मंत्री पद पर थे। उन्होंने कहा, "इस मोर्चे पर जो हो रहा है वह निंदनीय है।"
यह ट्रांसफर पलक्कड़ डिवीजन के लिए काफी अहम है, जिसे मंगलुरु सेक्टर से होने वाले यात्री और माल ढुलाई राजस्व से काफी फायदा हुआ है। इसे हटाने से डिवीजन का वित्तीय आधार कमजोर हो सकता है और भविष्य के विकास के लिए संसाधन जुटाने की उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब केरल लंबे समय से अलग रेलवे जोन की मांग कर रहा है। सीएम सतीशन ने कहा कि राज्य तब चुप नहीं रह सकता जब उसके मौजूदा रेलवे प्रशासन के तहत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूत करने के बजाय छीना जा रहा हो।
अब केरल सरकार और सांसद केंद्र के साथ इस मुद्दे को उठाने और रेलवे बोर्ड से प्रस्तावित पुनर्गठन को वापस लेने या उस पर पुनर्विचार करने की मांग करने के लिए अपने प्रयासों में समन्वय करेंगे।
--आईएएनएस
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