तेलंगाना को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर जोर दे रहे सीएम रेवंत रेड्डी, शांतनु नारायण से की मुलाकात
हैदराबाद, 25 फरवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य में वैश्विक निवेश आकर्षित करने और तेलंगाना को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए ठोस और योजनाबद्ध रणनीति बनाई जानी चाहिए।
इस बीच, शांतनु नारायण ने बुधवार को हैदराबाद में मुख्यमंत्री के आवास पर उनसे शिष्टाचार मुलाकात की।
शांतनु नारायण तेलंगाना राइजिंग-2047 विजन बोर्ड के सदस्य हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ वैश्विक रुझानों और निवेश के अवसरों पर चर्चा की। दोनों ने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार को कौन-सी नीतिगत पहल करनी चाहिए।
बैठक में वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का नौकरियों पर प्रभाव, स्किलिंग और री-स्किलिंग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को नई योजनाएं तैयार कर बड़े पैमाने पर वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए आक्रामक रणनीति अपनानी चाहिए। उन्होंने तेलंगाना को मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनाने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि इसके लिए वैश्विक संस्थानों और कंपनियों को सुनियोजित रणनीति के जरिए आकर्षित करना होगा।
दोनों ने एआई क्रांति के अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और आने वाले वर्षों में एआई का प्रभावी उपयोग करने के तरीकों पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने शांतनु नारायण से तेलंगाना के सतत विकास के लिए मार्गदर्शन और सहयोग जारी रखने का अनुरोध किया।
राज्य सरकार ने 9 दिसंबर 2025 को ‘विजन 2047’ दस्तावेज जारी किया था। इसका लक्ष्य 2047 तक तेलंगाना को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, जबकि 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा गया है।
इस दौरान इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रोडमैप तय किया गया है। इसमें राज्य को तीन सेक्टर-आधारित क्षेत्रों में बांटने की मुख्य रणनीति के तौर पर कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी, पेरी अर्बन रीजन इकोनॉमिक और रूरल एग्री रीजन इकोनॉमी शामिल हैं।
--आईएएनएस
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