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विपक्ष के वॉकआउट के बीच सीएम रेखा गुप्ता ने विधानसभा में 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' पेश की

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली लक्ष्मी योजना (डीएलवाई) के बारे में विपक्ष के झूठे दावों को खारिज किया और इसे शहर की 17 लाख महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक अहम कदम बताया।
 

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली लक्ष्मी योजना (डीएलवाई) के बारे में विपक्ष के झूठे दावों को खारिज किया और इसे शहर की 17 लाख महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक अहम कदम बताया।

पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए देने का वादा करने वाली डीएलवाई के बारे में सदन में उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना दिल्ली की अब तक की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में से एक है।

उन्होंने कहा कि इसका मकसद दिल्ली की उन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है जो अपने परिवार और घर की जिम्मेदारियां बखूबी निभाती हैं, लेकिन आर्थिक नजरिए से उनके काम को अक्सर पहचान नहीं मिलती।

आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों की आलोचना करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि जो लोग दिल्ली की महिलाओं के हितैषी होने का दावा करते थे, उनमें सदन में रुककर सरकार का जवाब सुनने की हिम्मत नहीं थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएलवाई दिल्ली की अब तक की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में से एक है। उन्होंने कहा, "किसी भी सरकार ने, चाहे वह 15 साल तक सत्ता में रही हो या 11 साल तक दिल्ली पर शासन किया हो, महिलाओं के लिए इतने बड़े पैमाने की योजना कभी नहीं बनाई।"

उन्होंने कहा, "कई वादे और बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन ऐसी किसी योजना के तहत दिल्ली की महिलाओं को एक रुपए भी नहीं दिया गया। पहली बार किसी सरकार ने इस योजना को लागू करने की हिम्मत दिखाई है।"

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपना वादा पूरा किया है और अपनी प्रतिबद्धता को हकीकत में बदला है। साथ ही उन्होंने बताया कि डीएलवाई के लिए 5,100 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस योजना को शुरू में तीन साल के लिए बनाया गया है ताकि शुरुआती 17 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर बाद में योजना का विस्तार करने की जरूरत पड़ी तो सरकार ऐसा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाएगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कुछ लोगों ने बार-बार दावा किया था कि इस योजना में बहुत सारी शर्तें हैं और सवाल उठाया था कि दिल्ली की महिलाएं इसका लाभ कैसे उठा पाएंगी।

उन्होंने कहा कि तीन बच्चों से जुड़ी शर्त का मुद्दा भी उठाया जा रहा था और कभी-कभी इस संदर्भ में कुछ नाम भी लिए जा रहे थे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर कोई परिवार नियोजन करना चाहता है या परिवार का विस्तार करना चाहता है तो उसे किसी की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। हर परिवार अपनी जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार योजना बनाता है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी