महाराष्ट्र एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के करीब, 10 प्रतिशत से ज्यादा ग्रोथ रेट की जरूरत: सीएम देवेंद्र फडणवीस
मुंबई, 3 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि महाराष्ट्र एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के करीब है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा 8.8 प्रतिशत की विकास दर उत्साहजनक है, लेकिन लक्ष्य को आसानी से हासिल करने के लिए राज्य को 10 प्रतिशत का आंकड़ा पार करना होगा।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एक मराठी टीवी चैनल द्वारा आयोजित इंफ्रा कॉन्क्लेव में, 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा हासिल करने के लिए जरूरी ग्रोथ के रास्ते के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए दूसरे राज्यों के मुकाबले महाराष्ट्र की बढ़त पर जोर दिया, जो इसी तरह के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, "अगर आज कोई राज्य एक ट्रिलियन डॉलर के सपने को पूरा करने के सबसे करीब है तो वह महाराष्ट्र है, क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था 660 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। हम ट्रिलियन-डॉलर के माइलस्टोन के बहुत करीब हैं। अगर हम लगातार ग्रोथ रेट बनाए रखते हैं तो निश्चित रूप से 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।"
फडणवीस ने बताया कि जहां दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं 2 प्रतिशत से 2.5 प्रतिशत की धीमी गति से बढ़ रही हैं, और तेल संकट जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत 7.8 प्रतिशत और महाराष्ट्र 8.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा, "हमारी उम्मीद डबल डिजिट ग्रोथ की है। हमारी नॉमिनल ग्रोथ रेट 11 प्रतिशत के करीब है, जो हमें डबल डिजिट में रखती है। एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखते समय सिर्फ नॉमिनल ग्रोथ ही एकमात्र पैमाना नहीं है, क्योंकि हमें महंगाई और करेंसी एक्सचेंज रेट के बीच संतुलन बनाना होगा। मौजूदा हालात में 8.8 प्रतिशत एक अच्छी ग्रोथ रेट है, लेकिन हमारी कोशिश निश्चित रूप से 10 प्रतिशत का आंकड़ा पार करने की होगी।"
यह लक्ष्य 2030 तक ही पूरा किए जाने के सवाल पर सीएम ने वैश्विक करेंसी में उतार-चढ़ाव के असर के बारे में बताया। लक्ष्य की घोषणा के समय रुपए-डॉलर एक्सचेंज रेट के आधार पर यह लक्ष्य 2029 में ही हासिल किया जा सकता था। हालांकि, वैश्विक तेल संकट के कारण एक्सचेंज रेट में काफी बदलाव आया है।
उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य यूएस डॉलर में तय किया गया है, इसलिए डॉलर की कीमत में बदलाव से स्वाभाविक रूप से लक्ष्य का स्तर भी बदल जाता है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम 2030 तक इसे हासिल कर लेंगे। अगर हम थोड़ा पीछे भी रह जाते हैं तो भी 2031 तक यह निश्चित रूप से पूरा हो जाएगा।"
इससे पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र को देश का मुख्य 'ग्रोथ इंजन' बताया और विकसित भारत बनाने में इसकी अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने महाराष्ट्र के औद्योगिक और ग्रामीण परिदृश्य को बदलने के उद्देश्य से प्रमुख आर्थिक उपलब्धियों, कृषि कल्याण योजनाओं और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा लक्ष्यों की रूपरेखा पेश की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप राजधानी के रूप में यह राज्य घरेलू और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने में अग्रणी बना हुआ है।
विकास के विकेंद्रीकरण के लिए प्रशासन का लक्ष्य हर जिले को एक स्वतंत्र ग्रोथ इंजन बनाना है। वर्तमान में, 13 जिलों ने अपने अनुमानित विकास लक्ष्यों को हासिल कर लिया है, जिसमें गढ़चिरौली, पालघर और नंदुरबार जैसे दूरदराज के इलाकों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
राज्य के जल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दृढ़ संकल्पित मुख्यमंत्री ने आने वाली पीढ़ियों के लिए सूखे की स्थिति को खत्म करने का संकल्प लिया। व्यापक नदी-जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से पानी को ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा, जिनमें मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तरी महाराष्ट्र और पश्चिमी महाराष्ट्र के सूखा-प्रवण क्षेत्र शामिल हैं।
--आईएएनएस
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