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उड़ान योजना के अगले चरण के लिए चैलेंज मोड पोर्टल लॉन्च, राज्यों को एयरस्ट्रिप और हेलीपैड विकास की सुविधा

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को उड़ान योजना के अगले चरण के तहत हवाई अड्डे के विकास के लिए चैलेंज मोड पोर्टल लॉन्च किया।
 

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को उड़ान योजना के अगले चरण के तहत हवाई अड्डे के विकास के लिए चैलेंज मोड पोर्टल लॉन्च किया।

इसके तहत राज्य और केंद्रशासित प्रदेश देशभर में क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए हवाई पट्टियों और हेलीपैडों को विकास के लिए नामित कर सकेंगे।

यह शुभारंभ उड़ान के अगले चरण को नीतिगत परामर्श से जमीनी कार्यान्वयन की ओर ले जाने के लिए किए जा रहे बड़े प्रयासों का हिस्सा था।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमानन अवसंरचना के विकास और कम सेवा प्राप्त या बिल्कुल सेवा से वंचित क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए समन्वय को मजबूत करने के लिए भागीदार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) के साथ 21 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

नायडू ने इस कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि चैलेंज मोड राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को विमानन कनेक्टिविटी की क्षमता वाले स्थानों की सक्रिय रूप से पहचानने और आवश्यकताओं के अनुसार विमानन अवसंरचना के विकास और उन्नयन को सुगम बनाने में सक्षम बनाएगा।

उन्‍होंने कहा, “इन समझौता ज्ञापनों के साथ, टीम भारत, क्षेत्रीय विमानन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एकजुट हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, विकसित राज्य विकसित भारत की नींव है, और इस यात्रा में प्रत्येक राज्य एक समान भागीदार है।”

चैलेंज मोड के तहत, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश उड़ान के अगले चरण के विकास के लिए एक समर्पित पोर्टल के माध्यम से हवाई पट्टियों और हेलीपैड को नामांकित कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य विमानन संपत्तियों की पहचान करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी आवश्यकताओं के अनुरूप उनका विकास करने के लिए एक संरचित तंत्र तैयार करना है।

मंत्री ने उड़ान रूट बिडिंग के अगले चरण के लिए योजना दस्तावेज भी जारी किया। इस बिडिंग राउंड में एयरलाइंस से चिन्हित उड़ान रूटों के लिए बोली आमंत्रित की जाएगी, जिसका उद्देश्य रूटों और ऑपरेटरों का पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी चयन सुनिश्चित करना है।

रूट बिडिंग प्रक्रिया से उन क्षेत्रों में हवाई सेवाओं के विस्तार में सुविधा होने की उम्मीद है, जहां अभी तक हवाई सेवाएं नहीं या कम पहुंची हैं। इसके साथ ही पहुंच में सुधार होगा और आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

नायडू ने कहा कि उड़ान योजना के अगले चरण में चार मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, यात्रियों के लिए किफायती परिवहन, परिचालन की स्थिरता, परियोजनाओं के लिए एक पारदर्शी चैलेंज मोड ढांचा और स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहन।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम