सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी के घृणास्पद भाषण मामले में भाजपा विधायक का बयान दर्ज किया
कोलकाता, 9 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने गुरुवार को दक्षिण 24 परगना जिले के गोसाबा से भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर का बयान दर्ज किया। यह बयान तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज उस मामले में लिया गया है, जिसमें उन पर हालिया विधानसभा चुनाव से पहले कथित तौर पर नफरत फैलाने वाला भाषण देने का आरोप है।
भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर गुरुवार दोपहर दक्षिण कोलकाता के भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने इस मामले में अपना बयान दर्ज कराया।
आरोप है कि विधानसभा चुनाव से पहले एक चुनावी रैली में दिए गए भाषण के दौरान तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कथित तौर पर भड़काऊ बयान दिए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की।
आरोप है कि डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के कथित भड़काऊ बयान के बाद विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर पर हमला किया था। इस घटना को लेकर स्थानीय थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद कथित भड़काऊ भाषण से जुड़े मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई। इसी सिलसिले में गुरुवार को सीआईडी ने भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर का गवाह के तौर पर बयान दर्ज किया।
भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अभिषेक बनर्जी अब तक उत्तर 24 परगना के बिधाननगर अदालत के दो लगातार आदेशों का पालन नहीं कर पाए हैं। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होकर न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में अपनी आवाज का नमूना सीआईडी को देने का निर्देश दिया था।
अपनी आवाज का नमूना देने के लिए अभिषेक बनर्जी को बुधवार तक बिधाननगर अदालत में पेश होना था, लेकिन वह निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
इसके बाद मामले के लोक अभियोजक बिवास चट्टोपाध्याय ने बिधाननगर अदालत में लिखित आवेदन देकर कहा कि अभिषेक बनर्जी ने अदालत के आदेशों का बार-बार पालन नहीं किया है। उन्होंने अदालत से उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
अपने लिखित आवेदन में लोक अभियोजक ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी दूसरी बार भी अदालत में अपनी आवाज का नमूना देने नहीं पहुंचे। उनका कहना था कि इससे साफ है कि वह जांच में देरी करने और उसकी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
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