एआई की ओर बढ़ते कदमों के बीच चीन की बड़ी टेक कंपनियों ने 18 महीने में की 1.3 लाख कर्मचारियों की छंटनी: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को तेजी से अपनाने और कंपनियों के पुनर्गठन के बीच चीन की प्रमुख टेक कंपनियों ने पिछले डेढ़ साल में करीब 1.3 लाख कर्मचारियों की छंटनी की है। एक नई रिपोर्ट में इतने बड़े स्तर पर हो रही नौकरी कटौती पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की चुप्पी आलोचना की गई है।
श्रीलंका स्थित डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, अलीबाबा, टेनसेंट, बाइटडांस, मीतुआन और बायडू जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। इनमें यात्रा, कंटेंट और ई-कॉमर्स सपोर्ट से जुड़े कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या 30 से 50 प्रतिशत तक घटा दी गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 18 महीनों में इन पांच प्रमुख इंटरनेट कंपनियों ने मिलकर 1.3 लाख से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अलीबाबा के कर्मचारियों की संख्या करीब 1.94 लाख से घटकर 1.28 लाख रह गई, यानी लगभग 34 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, बायडू ने करीब 10,000 कर्मचारियों की छंटनी की है, जबकि जेडी डॉट कॉम करीब 12,000 नौकरियां खत्म करने की योजना बना रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बार की छंटनी इसलिए ज्यादा चिंता का विषय है क्योंकि यह कंपनियों के घाटे में होने के कारण नहीं, बल्कि मुनाफा बढ़ने के बावजूद की जा रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "पहले कंपनियां अस्तित्व बचाने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाती थीं, लेकिन अब वे अपने कारोबार को अधिक कुशल बनाने के लिए ऐसा कर रही हैं।"
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां यह कदम एआई-आधारित उत्पादों और सेवाओं की ओर तेजी से बढ़ने की अपनी रणनीति के तहत उठा रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग का 'एआई प्लस एक्शन प्लान' वर्ष 2027 तक प्रमुख उद्योगों में 70 प्रतिशत और 2030 तक 90 प्रतिशत एआई उपयोग का लक्ष्य रखता है। अलीबाबा का 'वुकोंग' प्लेटफॉर्म जैसे एआई टूल्स ई-कॉमर्स, लाइव स्ट्रीमिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में पूरे विभाग का काम स्वचालित करने और 'वन-पर्सन कंपनी' मॉडल को संभव बनाने का दावा करते हैं।
विशेषज्ञों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में लगभग 7 करोड़ नौकरियां, जो देश के कुल कार्यबल का करीब 9.6 प्रतिशत हैं, एआई के कारण जोखिम में हैं। इसमें सबसे अधिक खतरा युवा कर्मचारियों को बताया गया है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि चीन में अनौपचारिक रूप से '35 वर्ष की उम्र की सीमा' जैसी स्थिति बन गई है। इसके तहत 35 वर्ष के आसपास के कर्मचारियों, जिन पर परिवार, होम लोन और बच्चों की जिम्मेदारी होती है, उन्हें बड़े पैमाने पर नौकरी से निकाला जा रहा है।
रिपोर्ट में बाइटडांस के 26 वर्षीय एक पूर्व कर्मचारी का भी उल्लेख किया गया है, जिसे कंटेंट ऑपरेशंस में छह साल काम करने के बाद नौकरी से निकाल दिया गया। कर्मचारी के अनुसार, पहले कंपनी का नाम प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता था, लेकिन वास्तविकता में लगातार ओवरटाइम और कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता था। अब बड़ी टेक कंपनी का अनुभव भी नौकरी की सुरक्षा की गारंटी नहीं रहा।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि चीनी सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा या उन्हें नए कौशल का प्रशिक्षण देने के लिए ठोस नीतियां लागू करने के बजाय ऑटोमेशन और एआई को विकास का प्रतीक बताकर बढ़ावा दे रही है।
--आईएएनएस
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