राजस्थान: सलूम्बर में बच्चों की मौत के बाद सरकार ने 3,600 से अधिक टीमें तैनात कीं
जयपुर, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार ने सलूम्बर जिले में एक अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौत मामले को गंभीरता से लिया है। इसके बाद उदयपुर संभाग के सभी सात जिलों में व्यापक रोग नियंत्रण और निगरानी अभियान शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर बीमारी के कारणों की जांच के लिए विशेषज्ञ टीमों का गठन किया गया है, वहीं बड़े स्तर पर रोकथाम और निगरानी के उपाय किए जा रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज की टीम और राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का आकलन किया और इलाज तथा जांच की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने बताया कि 3,690 टीमों ने घर-घर सर्वे कर 52,000 से अधिक घरों को कवर किया। इस दौरान 275 लक्षण वाले लोगों की पहचान की गई, जिनमें से 25 को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया।
सूचना, शिक्षा और संचार अभियानों के तहत 13,000 से अधिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए गए।
जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने सलूम्बर जिले के सेमारी गांव में चार साल के एक बच्चे की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मंगलवार को पूरे संभाग में 651 मरीजों का मौके पर ही इलाज किया गया।
रोकथाम के तहत 2,557 स्थानों पर मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए एंटी-लार्वा गतिविधियां चलाई गईं। इसके अलावा 1,796 ब्लड स्लाइड तैयार की गईं और 94 सैंपल जांच के लिए एकत्र किए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज करते हुए लोगों से अपील की है कि किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें और जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
--आईएएनएस
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