ओडिशा में भारी बारिश का पूर्वानुमान, 11 जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी
भुवनेश्वर, 21 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के प्रभाव से भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। वहीं, ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने सोमवार को राज्य में चक्रवात के खतरे की आशंका से इनकार किया।
उन्होंने बंगाल की खाड़ी में संभावित गहरे निम्न दबाव से होने वाली भारी बारिश से प्रभावित होने वाले 11 जिलों के कलेक्टरों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बताया कि आईएमडी ने चक्रवात नहीं, बल्कि गहरे दबाव की संभावना जताई है, जिससे मंगलवार से राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और अगले दो दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की आशंका है।
गर्ग ने कहा, "आईएमडी ने हमें सूचित किया है कि चक्रवात नहीं, बल्कि गहरे दबाव के बनने की संभावना है, जिससे भारी से बहुत भारी बारिश होगी।"
मुख्य सचिव ने आईएमडी की चेतावनी के बाद, चिन्हित जिलों के कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक की और उन्हें उच्च सतर्कता बरतने और अपने मुख्यालयों में रहने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि मंगलवार से बारिश बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि कलेक्टरों को बाढ़ और राहत केंद्रों को तैयार रखने, आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने, नियंत्रण कक्षों को सक्रिय करने और नोडल अधिकारियों को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की टीमों को भी तैयार रहने और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों और डूबने की आशंका वाले पुलों सहित संवेदनशील स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है।
गर्ग ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग मुख्य जिला चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य अधिकारियों (सीडीएमओ) के साथ समन्वय स्थापित करेगा ताकि आवश्यक चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सहित तैयारियों को सुनिश्चित किया जा सके।
कलेक्टरों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे उन गर्भवती महिलाओं की पहचान करें, जिनकी प्रसव तिथि इस अवधि के दौरान आती है। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से ही कर लें।
इस बीच, आईएमडी भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने सोमवार को कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना यह सिस्टम मंगलवार को गहरे दबाव में परिवर्तित होकर उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट की ओर बढ़ने की संभावना है। यह सिस्टम 23 सितंबर की सुबह के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट के पास पहुंचने की उम्मीद है।
मोहंती ने कहा कि इस प्रणाली का सबसे अधिक प्रभाव 23 और 24 सितंबर को रहने की संभावना है, जिसके बाद वर्षा में काफी कमी आएगी।
जलमार्ग प्रबंधन विभाग ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। हालांकि, गंजाम, गजपति और कंधमाल सहित दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में अगले कुछ दिनों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
मछुआरों को भी 21 सितंबर की शाम तक तट पर लौटने और 22 से 24 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
--आईएएनएस
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