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चेन्नई में 1.5 लाख से अधिक लावारिस कुत्तों का हुआ टीकाकरण

चेन्नई, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। ग्रेटर चेन्नई निगम ने निवासियों की सुरक्षा और रेबीज मुक्त शहर के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए शुरू किए गए एक विशेष अभियान के तहत 1,50,303 लावारिस कुत्तों को रेबीज का टीका लगाया है। निगम आयुक्त जीएस समीरन ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
 

चेन्नई, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। ग्रेटर चेन्नई निगम ने निवासियों की सुरक्षा और रेबीज मुक्त शहर के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए शुरू किए गए एक विशेष अभियान के तहत 1,50,303 लावारिस कुत्तों को रेबीज का टीका लगाया है। निगम आयुक्त जीएस समीरन ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

11 अगस्त से 21 अक्टूबर के बीच चलाए गए इस टीकाकरण अभियान में आंतरिक और बाहरी परजीवियों के उपचार की सुविधा भी प्रदान की गई। निगम ने कहा कि यह अभियान तमिलनाडु को रेबीज मुक्त बनाने के मुख्यमंत्री के निर्देश को लागू करने के प्रयासों का हिस्सा है। 11 अगस्त को शुरू किए गए इस व्यापक टीकाकरण और परजीवी नियंत्रण कार्यक्रम में निगम के 15 जोन में लावारिस कुत्तों को शामिल किया गया है।

निगम के एक बयान के अनुसार, वलसारवक्कम, अड्यार और शोलिंगनल्लूर में शिविर वर्तमान में जारी हैं। जिन क्षेत्रों को इसमें शामिल किया गया है, उनमें अंबत्तूर में सबसे अधिक 21,844 लावारिस कुत्तों का टीकाकरण और परजीवी उपचार किया गया। माधवराम में 15,038 कुत्तों का टीकाकरण हुआ, जबकि थिरु वी का नगर में 13,849 कुत्तों का टीकाकरण किया गया।

निगम ने पेरुंगुडी में 12,752, टोंडियारपेट में 12,477 और तिरुवोट्टियूर में 12,313 कुत्तों के टीकाकरण की सूचना दी। अन्ना नगर में 11,895 और कोडंबक्कम में 10,131 कुत्तों का टीकाकरण किया गया। रॉयपुरम में 8,598 कुत्तों का टीकाकरण और उपचार किया गया, जबकि तेयनमपेट में 7,782, मनाली में 7,200 और अलंदूर में 4,343 कुत्तों का टीकाकरण किया गया।

तीनों क्षेत्रों में जहां शिविर चल रहे हैं, वहां नगर निगम ने अब तक वलसारवक्कम में 3,943, अड्यार में 3,985 और शोलिंगनल्लूर में 4,153 कुत्तों का टीकाकरण किया है।

इसी कार्यक्रम के तहत इन कुत्तों का आंतरिक और बाहरी परजीवियों का उपचार भी किया गया। नगर निगम ने कहा कि इन विशेष शिविरों का उद्देश्य आम जनता को रेबीज से बचाना और साथ ही पूरे शहर में आवारा कुत्तों को निवारक पशु चिकित्सा देखभाल प्रदान करना है। इस अभियान में रेबीज रोधी टीकाकरण और परजीवी उपचार को मिलाकर विशेष शिविरों के माध्यम से दोनों उपाय एक साथ किए जा रहे हैं।

निगम के बयान में प्रत्येक क्षेत्र में किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण दिया गया और उन तीन क्षेत्रों की पहचान की गई जहाँ 21 अक्टूबर तक काम जारी था।

समीरन ने निवासियों, पालतू पशुओं के मालिकों और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं से इस अभियान को चलाने और "रेबीज मुक्त चेन्नई" के लक्ष्य को प्राप्त करने में निगम के साथ सहयोग करने की अपील की। ​​निगम ने चल रहे शिविरों में जनता की भागीदारी का आह्वान किया और कहा कि समुदायों और पशु कल्याण से जुड़े लोगों का सहयोग चेन्नई में रेबीज उन्मूलन के प्रयास का एक हिस्सा है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी