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चेन्नई में सड़कों के नाम-बोर्ड से हटेंगे जातिसूचक शब्द, जीसीसी ने शुरू की गिनती

चेन्नई, 19 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार की सामाजिक न्याय पहल के तहत, ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने सार्वजनिक जगहों से जातिसूचक संदर्भों की पहचान करने और उन्हें हटाने के लिए पूरे शहर में सड़कों के नाम-बोर्ड की गिनती शुरू की है।
 

चेन्नई, 19 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार की सामाजिक न्याय पहल के तहत, ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने सार्वजनिक जगहों से जातिसूचक संदर्भों की पहचान करने और उन्हें हटाने के लिए पूरे शहर में सड़कों के नाम-बोर्ड की गिनती शुरू की है।

कॉर्पोरेशन के सभी 15 जोन के अधिकारियों को सड़कों के नामों की जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। अब तक कोडंबक्कम, वलसरवक्कम और अड्यार जोन में जाति से जुड़े नामों वाली लगभग 77 सड़कों की पहचान की गई है। बाकी जोन से रिपोर्ट का इंतजार है।

यह कवायद सामाजिक न्याय विभाग के उन निर्देशों के बाद शुरू की गई है जिनमें तमिलनाडु भर में स्थानीय निकायों के तहत रिहायशी इलाकों, सड़कों, रास्तों, जलाशयों और राजस्व गांवों से जुड़े जातिसूचक संदर्भों को हटाने या उनका नाम बदलने को कहा गया था।

नगर प्रशासन और जलापूर्ति विभाग ने 6 अक्टूबर को सरकारी आदेश 313 जारी किया था, जिसमें जातिगत पहचान बताने वाले या सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाले सार्वजनिक नामों को बदलने के लिए दिशानिर्देश तय किए गए थे।

इसके बाद सामाजिक न्याय विभाग ने चेन्नई कॉर्पोरेशन से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की जांच करने और सुधारात्मक उपाय शुरू करने को कहा।

दिशानिर्देशों के तहत, अगर किसी व्यक्ति के नाम का हिस्सा जातिसूचक शब्द है, तो केवल उस हिस्से को हटाया जाएगा। हालांकि, पूरी तरह से किसी जाति के नाम पर रखी गई सड़कों के नाम बदल दिए जाएंगे।

जीसीसी अधिकारियों ने कहा कि संशोधित नाम को औपचारिक रूप से मंज़ूरी देने से पहले हर प्रस्ताव की जांच की जाएगी।

कोडंबक्कम ज़ोन में जिन नामों की अभी समीक्षा की जा रही है, उनमें गेंगु रेड्डी रोड, ब्राह्मण स्ट्रीट, वन्नियार स्ट्रीट, रेड्डी स्ट्रीट और डॉ. नायर रोड शामिल हैं।

इस पहल की प्रगति की समीक्षा राज्य-स्तरीय सतर्कता और निगरानी समिति की बैठक में किए जाने की उम्मीद है, जिसकी अध्यक्षता जल्द ही मुख्यमंत्री जोसेफ विजय करेंगे।

तमिलनाडु अस्पृश्यता उन्मूलन मोर्चा की राज्य सचिव के. वेनी ने इस गिनती का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक न्याय के प्रति तमिलनाडु की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता के अनुरूप बताया।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि संशोधित सूची तैयार करते समय डॉ. बी.आर. अंबेडकर और एम. सिंगारावेलार जैसे प्रमुख समाज सुधारकों के नामों को भी शामिल किया जाए।

वेनी ने कहा कि पिछली सरकार ने वैकल्पिक नामों का प्रस्ताव तो दिया था, लेकिन जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ने वाले नेताओं को उचित सम्मान देने में विफल रही थी। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन्हें शामिल करने की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा था।

चेन्नई की कई सड़कों के नाम पहले भी इसी तरह बदले जा चुके हैं। जी.एन. चेटी रोड का विस्तार करके उसे गोपाथी नारायणन रोड बना दिया गया, जबकि वेस्ट माम्बलम में श्रीनिवास अय्यर स्ट्रीट और बालकृष्ण नाइकेन स्ट्रीट को छोटा करके क्रमशः श्रीनिवास (आई) स्ट्रीट और बालकृष्ण (एन) स्ट्रीट कर दिया गया।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस