Aapka Rajasthan

आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने महिला आरक्षण बिल के समर्थन के लिए सांसदों को लिखा पत्र

अमरावती, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के सभी दलों के नेताओं और लोकसभा-राज्यसभा सांसदों को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन की अपील की है।
 
आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने महिला आरक्षण बिल के समर्थन के लिए सांसदों को लिखा पत्र

अमरावती, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के सभी दलों के नेताओं और लोकसभा-राज्यसभा सांसदों को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन की अपील की है।

उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन’ संविधान संशोधन विधेयक के पक्ष में संसद में समर्थन देने का अनुरोध किया है, जिसका उद्देश्य 2029 के चुनावों से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है।

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नायडू ने सांसदों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प को मजबूत करने की अपील की है, जिसमें संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में इस विधेयक की प्रस्तुति भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। उनका मानना है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने यह पत्र जन सेना प्रमुख के. पवन कल्याण, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पी.वी.एन. माधव, वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला रेड्डी, सीपीआई नेता जी. ईश्वरैया और सीपीएम के वी. श्रीनिवास राव को संबोधित किया है।

नायडू ने अपने पत्र में लिखा कि यह विधेयक दशकों पुराने सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और इससे देश में समानता की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन आएगा।

उन्होंने कहा कि विधायी संस्थाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण एक ऐसा कदम है, जो देश को गर्व से भर देता है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का विकास तभी संभव है, जब महिलाओं की भागीदारी शासन, प्रशासन और विधायी संस्थाओं में बढ़े। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, खेल, रक्षा, उद्योग और सेवा सहित हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से अपील की कि वे एकजुट होकर इस ऐतिहासिक विधेयक का समर्थन करें और महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व दिलाने में योगदान दें।

नायडू ने इसे राजनीति से ऊपर उठकर देश की गरिमा और सम्मान से जुड़ा विषय बताया और कहा कि हर सांसद को इस ऐतिहासिक फैसले का हिस्सा बनना चाहिए।

--आईएएनएस

डीएससी