पश्चिम बंगाल में एक अगस्त से शुरू होगी जनगणना
कोलकाता, 29 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि जनगणना 1 अगस्त से शुरू होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में देरी पिछली ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण हुई थी।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय में हुई एक आपात बैठक के बाद मीडिया से कहा, “केंद्र सरकार ने पिछले साल फरवरी में पिछली राज्य सरकार को इस प्रक्रिया की शुरुआत के लिए संदेश भेजा था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पिछली राज्य कैबिनेट ने न तो उस संदेश पर काम किया और न ही उसका जवाब दिया। यह काम राजनीतिक कारणों से रोका गया। उस समय के मुख्य सचिव इस मामले में राजनीतिक सहमति का इंतजार कर रहे थे। पिछली सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, इसलिए पश्चिम बंगाल इस प्रक्रिया में अन्य राज्यों से पीछे रह गया है।”
उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार इस अंतर को दूर करने और जल्द से जल्द अन्य राज्यों के बराबर आने की पूरी कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “11 मई को हुई हमारी पहली कैबिनेट बैठक में राज्य में जनगणना का काम जल्द से जल्द शुरू करने का फैसला लिया गया था। यह काम 1 अगस्त से शुरू होगा और अगले साल फरवरी तक चलेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस बार जनगणना का काम डिजिटल तरीके से किया जाएगा, जिसमें जनगणना अधिकारी मोबाइल फोन के जरिए डेटा इकट्ठा करेंगे। इसके लिए एक अलग ऐप भी लॉन्च किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “एकत्रित डेटा को इस ऐप के माध्यम से केंद्रीय सर्वर पर अपलोड किया जाएगा।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बोलते हुए यह भी कहा कि जनगणना के काम में राजनीति नहीं आनी चाहिए थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस तरह की प्रक्रियाओं में एक संवैधानिक जिम्मेदारी शामिल होती है। अब तक पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश के साथ 500 किलोमीटर से अधिक की सीमा पर कंटीली बाड़ नहीं लगाई गई है। इसी कारण अवैध घुसपैठ के चलते सीमावर्ती इलाकों की आबादी में बड़ा बदलाव हुआ है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लिए जनगणना बहुत महत्वपूर्ण है। हालांकि जनगणना और अवैध घुसपैठ के बीच कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।”
--आईएएनएस
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