अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई की टीम ने सहारनपुर में उर्मिला सनावर से की पूछताछ
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम रविवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में उर्मिला सनावर के आवास पर पहुंची। उर्मिला सनावर को पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताया जाता है।
सीबीआई की चार सदस्यीय टीम में एक महिला अधिकारी भी शामिल थीं। इस हाई-प्रोफाइल मामले के संबंध में पूछताछ करने के लिए सीबीआई की टीम सनावर के घर पहुंची। इस हफ्ते की शुरुआत में, सनावर ने नई दिल्ली में अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था।
सनावर ने एक वीडियो संदेश के जरिए यह भी मांग की थी कि सीबीआई को मीडिया की मौजूदगी में उनसे पूछताछ करनी चाहिए क्योंकि यह जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा जज की देखरेख में नहीं हो रही है।
यह घटना, सीबीआई द्वारा उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित शिवालिक गेस्ट हाउस में पूर्व भाजपा विधायक राठौर से पूछताछ किए जाने के एक दिन बाद सामने आई है।
सीबीआई ने इस साल फरवरी में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच अपने हाथ में ली थी। इसकी दिल्ली स्थित 'स्पेशल क्राइम ब्रांच' ने इस मामले के संबंध में एक "अज्ञात वीआईपी" के खिलाफ केस दर्ज किया था।
इस साल की शुरुआत में, सनावर से जुड़े कुछ ऑडियो क्लिप और वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया था। फेसबुक लाइव सेशन के दौरान, सनावर ने इस हत्या में एक वीआईपी (वीआईपी) के शामिल होने का जिक्र किया, जिससे एक नया विवाद खड़ा हो गया और लोगों के बीच बहस छिड़ गई।
इन घटनाओं के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया, और विपक्षी दलों तथा कई संगठनों ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग फिर से उठा दी। बढ़ते दबाव और लोगों की चिंताओं को देखते हुए, उत्तराखंड सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाए। 9 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आधिकारिक तौर पर सीबीआई जांच की सिफारिश की।
19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट भंडारी की हत्या ने 2022 में पूरे उत्तराखंड में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। वह 'वनंत्रा रिसॉर्ट' में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं, तभी 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई। उनका शव चिल्ला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था, जिसे लगभग एक हफ्ते बाद बरामद किया गया।
एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की गई विस्तृत जांच के बाद, इस मामले में 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें 97 गवाहों के नाम शामिल थे। इनमें से 47 गवाहों ने अदालत के सामने गवाही दी।
मुख्य आरोपी और वनंत्रा रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य तथा उसके साथ आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आर्य को हत्या, सबूतों के साथ छेड़छाड़, उत्पीड़न और अनैतिक तस्करी सहित कई गंभीर आरोपों में दोषी पाया गया।
इस बीच, कई कार्यकर्ताओं और कांग्रेस ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर उत्तराखंड और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किए हैं।
इस हफ्ते की शुरुआत में अंकिता भंडारी के माता-पिता ने इंडिया गेट पर धरना दिया और मांग की कि गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को रोका जाए। बाद में, गढ़वाल से भाजपा सांसद अनिल बलूनी के साथ उन्होंने सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात की।
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने यह भी मांग की है कि जब तक सीबीआई जांच चल रही है, तब तक सरकार इस नियुक्ति को रोक दे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उनकी बेटी की हत्या के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं।
--आईएएनएस
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