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सीबीआई अदालत ने धोखाधड़ी मामले में पूर्व बैंक प्रबंधक और दो अन्य को सजा सुनाई

जयपुर, 12 अगस्त (आईएएनएस)। जयपुर की एक विशेष सीबीआई अदालत ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पूर्व शाखा प्रबंधक सहित तीन लोगों को बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषी ठहराया और सजा सुनाई है। इस मामले में अवैध ऋण स्वीकृत किए गए थे, जिससे बैंक को कथित तौर पर 3.61 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।
 

जयपुर, 12 अगस्त (आईएएनएस)। जयपुर की एक विशेष सीबीआई अदालत ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पूर्व शाखा प्रबंधक सहित तीन लोगों को बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषी ठहराया और सजा सुनाई है। इस मामले में अवैध ऋण स्वीकृत किए गए थे, जिससे बैंक को कथित तौर पर 3.61 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।

सीबीआई द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोषियों में जयपुर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की गोपालपुरा बाईपास शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम भरोसे मीना और दो अन्य निजी व्यक्ति दीप राम मीना और वीर सिंह मीना शामिल हैं।

अदालत ने राम भरोसे मीना को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और उन पर 2.60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। दो सह-आरोपियों, दीप राम मीना और वीर सिंह मीना को तीन-तीन साल के कठोर कारावास के साथ 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

यह मामला 9 नवंबर, 2016 को जयपुर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के क्षेत्रीय कार्यालय की शिकायत के बाद सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राम भरोसे मीना ने शाखा प्रबंधक के रूप में कार्यरत रहते हुए दो निजी व्यक्तियों के साथ आपराधिक साजिश रची और 15 जनवरी, 2015 से 6 मई, 2015 के बीच 17 खातों में धोखाधड़ी से ऋण स्वीकृत किए।

जांच करने वालों का आरोप है कि ये लोन बिना सही एप्लीकेशन, जरूरी कागजात या काफी सिक्योरिटी के मंजूर किए गए थे। आरोप है कि आरोपियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और लोन बांटने के लिए धोखाधड़ी और जालसाजी का सहारा लिया, जिससे बैंक को लगभग 3.61 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

जांच के बाद, सीबीआई ने 30 मार्च 2019 को तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ​​कोर्ट ने 1 दिसंबर 2021 को उनके खिलाफ आरोप तय किए, जिससे ट्रायल का रास्ता साफ हो गया।

सबूतों की जांच और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बुधवार, 12 अगस्त को तीनों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें सजा सुनाई।

यह सजा उस जांच और ट्रायल का नतीजा है जो पब्लिक सेक्टर बैंक की जयपुर ब्रांच में कथित तौर पर धोखाधड़ी से लोन मंजूर करने के मामले में लगभग एक दशक से चल रही थी।

--आईएएनएस

एमएस/