बीआरओ फंड हेराफेरी मामले में सीबीआई का एक्शन, 11 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों के 26 ठिकानों पर छापेमारी
नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) में फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़े चार आपराधिक मामलों के सिलसिले में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विभिन्न 26 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
सीबीआई ने लद्दाख में बीआरओ के 'प्रोजेक्ट विजयक' और 'प्रोजेक्ट योजक' में वित्तीय गड़बड़ियों की चल रही जांच के तहत जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में अलग-अलग 26 ठिकानों पर तलाशी ली।
सीबीआई के अनुसार, ये मामले कैजुअल लेबरर्स (अस्थायी मजदूरों) को काम पर रखने और फर्जी मजदूरों के नाम पर पेमेंट जारी करने में गड़बड़ियों से जुड़े हैं, जिसके कारण सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल होने का शक है।
सीबीआई ने बीआरओ के टेक्निकल बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स की आंतरिक जांच के बाद रक्षा मंत्रालय की आपराधिक शिकायतों के आधार पर चार एफआईआर दर्ज कीं। जानकारी के मुताबिक, जांच में मजदूरों को काम पर रखने और मजदूरी के पेमेंट से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ी के शुरुआती सबूत मिले हैं।
जांच के दायरे में आने वाले अपराधों में सरकारी फंड का कथित गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश (आईपीसी के तहत) शामिल हैं। इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी के आरोप भी शामिल हैं।
एफआईआर में कुल 10 अधिकारियों (जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर रैंक के अधिकारी और इंजीनियर शामिल हैं) और कुछ प्राइवेट लोगों के नाम शामिल हैं।
सीबीआई ने कहा कि तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए। चल रही जांच के तहत इन चीजों की जांच की जा रही है।
पूरी जांच के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सीबीआई ने कहा कि वह इन मामलों की व्यापक रूप से जांच करेगी और जल्द से जल्द जांच पूरी करने की कोशिश करेगी।
बता दें कि बीआरओ का काम देश के सीमावर्ती इलाकों और मित्र पड़ोसी देशों में सड़क नेटवर्क बनाना और उनका रखरखाव करना है।
--आईएएनएस
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