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पुडुचेरी: नकली नोट से जुड़े मामले में 14 साल से फरार चल रहा भगोड़ा गिरफ्तार

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने शुक्रवार को नकली भारतीय करेंसी नोट (एफआईसीएन) के मामलों में शामिल एक भगोड़े को गिरफ्तार किया। उसे पुडुचेरी में गिरफ्तार के बाद जमानत पर रिहा होने पर वह फरार हो गया था और लगभग 14 साल बाद उसे पकड़ा गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
 

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने शुक्रवार को नकली भारतीय करेंसी नोट (एफआईसीएन) के मामलों में शामिल एक भगोड़े को गिरफ्तार किया। उसे पुडुचेरी में गिरफ्तार के बाद जमानत पर रिहा होने पर वह फरार हो गया था और लगभग 14 साल बाद उसे पकड़ा गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सीबीआई के मुताबिक, मोहम्मद इस्माइल शेख पुडुचेरी में 1,000 रुपए के नकली नोट इस्तेमाल करने और उनके लेन-देन में शामिल था। उसे पुडुचेरी में फलों की एक दुकान पर 19,000 रुपए की कीमत के नकली नोटों के साथ ऐसी ही एक कोशिश के दौरान पकड़ा गया था।

सीबीआई ने बताया कि इसके बाद, उस गेस्ट हाउस से 1,71,500 रुपए की कीमत के नकली नोट बरामद किए गए, जहां वह ठहरा हुआ था। इस मामले में 18 जनवरी 2012 को उसे गिरफ्तार किया गया था और बाद में 2 जुलाई 2012 को जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

सीबीआई ने कहा कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुआ और जान-बूझकर कानून की प्रक्रिया से बचने के लिए भागता रहा और खुद को छिपाए रखा।

14 साल से ज्यादा समय के बाद, शुक्रवार को सीबीआई की एक टीम ने तकनीकी सुरागों और लगातार कोशिशों से शेख का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी ने कहा कि उसे कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई के लिए सक्षम कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एक बयान में कहा गया है कि सीबीआई नकली नोटों का चलन करने वाले हर अपराधी को पकड़ने, सजा दिलाने और देश की आर्थिक अखंडता की रक्षा करने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।

एक अलग मामले में सीबीआई ने गुरुवार को दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में चल रहे धोखाधड़ी और दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया। एजेंसी ने चार मुख्य लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक सीजीएसटी इंस्पेक्टर भी शामिल है। इन लोगों ने बैंक की नौकरियों के लिए होने वाली परीक्षाओं की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाया था।

एक बयान के अनुसार, सीबीआई ने इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (आईबीपीएस) की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी।

बयान में कहा गया है कि सीबीआई की मुंबई स्थित स्पेशल टास्क ब्रांच ने कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की और चार लोगों को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने धोखाधड़ी करके चयन प्रक्रिया के कई चरणों, जैसे लिखित परीक्षा और इंटरव्यू, में असली उम्मीदवारों की जगह खुद शामिल होकर हिस्सा लिया था।

सीबीआई ने कहा कि ये धोखेबाज असली उम्मीदवारों की जगह परीक्षा में शामिल हुए, जिससे सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठे और असली, मेहनती उम्मीदवारों को उनके हक के मौके नहीं मिल पाए।

--आईएएनएस

पीएसके