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दिल्ली: सीबीआई ने राजस्व विभाग के दो कर्मचारियों समेत चार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। सीबीआई ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसने राजस्व विभाग के अधिकारियों, एक सब-रजिस्ट्रार और एक रीडर और दो निजी व्यक्तियों को एक शिकायतकर्ता से 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
 
दिल्ली: सीबीआई ने राजस्व विभाग के दो कर्मचारियों समेत चार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। सीबीआई ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसने राजस्व विभाग के अधिकारियों, एक सब-रजिस्ट्रार और एक रीडर और दो निजी व्यक्तियों को एक शिकायतकर्ता से 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के बयान के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कश्मीरी गेट स्थित राजस्व विभाग के सब-रजिस्ट्रार पंकज कुमार यादव, रीडर रविंदर डबास और निजी व्यक्तियों आशीष उर्फ ​​नितिन और सुनील के रूप में हुई है।

सीबीआई ने बुधवार को आरोपियों और अज्ञात अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

आरोप है कि आरोपी लोक सेवकों ने निजी व्यक्तियों के साथ मिलीभगत करके शिकायतकर्ता को विक्रय विलेख/रजिस्ट्री उपलब्ध कराने के बदले 10,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी।

आरोपियों ने यह धमकी भी दी कि यदि मांगी गई राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे आपत्ति दर्ज कराएंगे और ग्राहकों के दस्तावेजों/बिक्री विलेख पर लाल मुहर लगाकर कागजात दिल्ली नगर निगम को भेज देंगे।

सीबीआई ने 7 जनवरी को जाल बिछाकर एक निजी व्यक्ति को अन्य सह-आरोपियों के साथ आपराधिक साजिश रचते हुए शिकायतकर्ता से 10,000 रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

सीबी ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

यह मामला दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार में संलिप्त कपासहेरा के सब-रजिस्ट्रार और महरौली के तहसीलदार को निलंबित करने के आदेश के ठीक बाद सामने आया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों के खिलाफ 29 दिसंबर को की गई कार्रवाई उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों और गंभीर आरोपों के बाद की गई थी।

बयान में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री के आदेश पर कपासहेरा में तैनात एक विलेख लेखक का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की नीति स्पष्ट है, किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मामलों में सीधे तौर पर शामिल अधिकारियों से ईमानदार, संवेदनशील और जवाबदेह होने की अपेक्षा की जाती है।

--आईएएनएस

एमएस/