श्रीनगर में दिहाड़ी मजदूरों और डेली वेजर्स का प्रदर्शन, वेतन बढ़ोतरी और नियमितीकरण की मांग
श्रीनगर, 22 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत दिहाड़ी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने मंगलवार को श्रीनगर में वेतन वृद्धि और नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चल रहे सत्र के दौरान, विभिन्न सरकारी विभागों के दिहाड़ी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने श्रीनगर में वेतन वृद्धि और अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर दिहाड़ी/दैनिक वेतन भोगी फोरम द्वारा आयोजित किया गया था और इसका नेतृत्व इसके अध्यक्ष सज्जाद अहमद पर्रे ने किया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि नियमितीकरण और बेहतर वेतन की उनकी मांगें लंबे समय से अनसुलझी हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार से उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब विधानसभा में अस्थायी और दिहाड़ी मजदूरों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा चल रही थी। जम्मू और कश्मीर सरकार ने सदन को सूचित किया है कि वह अस्थायी मजदूरों (दिहाड़ी मजदूर, आकस्मिक और मौसमी श्रमिक तथा अन्य संविदात्मक और आवश्यकता-आधारित कर्मचारी शामिल) के नियमितीकरण के लिए एक समान ढांचा तैयार करने पर विचार कर रही है।
केंद्र शासित प्रदेश सरकार ने कहा है कि मार्च 2025 में गठित एक समिति ऐसे श्रमिकों के नियमितीकरण के मानवीय, कानूनी और वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है और अंतिम नीतिगत निर्णय लेने से पहले संबंधित विभागों से परामर्श आवश्यक है।
श्रमिकों ने केंद्र शासित प्रदेश सरकार से प्रक्रिया में तेजी लाने और वेतन एवं नियमितीकरण के मुद्दों पर उन्हें राहत प्रदान करने का आग्रह किया।
विरोध प्रदर्शन उनकी लंबे समय से लंबित रोजगार संबंधी मांगों पर केंद्रित रहा।
जम्मू और कश्मीर सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में सभी दिहाड़ी मजदूरों के चरणबद्ध नियमितीकरण का आश्वासन दिया है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न विभागों में 50,000 से अधिक दिहाड़ी मजदूर कार्यरत हैं।
वास्तव में जमीनी रिपोर्टों से पता चलता है कि इन विभागों में अधिकांश कार्यभार दिहाड़ी मजदूरों द्वारा ही संभाला जाता है।
दिहाड़ी मजदूरों की सेवाओं के बिना, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), बाढ़ एवं सिंचाई विभाग, विद्युत विकास विभाग (पीडीडी) आदि जैसे कई विभाग पूरी तरह से पंगु हो जाएंगे।
--आईएएनएस
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