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जातिसूचक टिप्पणी: पंजाब एससी आयोग ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से चार जगहों पर जाकर मत्था टेकने को कहा

चंडीगढ़, 24 जून (आईएएनएस)। रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, जिन्हें पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करने के मामले में तलब किया था, बुधवार को आयोग के सामने पेश हुए और लिखित माफीनामा सौंपा।
 
जातिसूचक टिप्पणी: पंजाब एससी आयोग ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से चार जगहों पर जाकर मत्था टेकने को कहा

चंडीगढ़, 24 जून (आईएएनएस)। रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, जिन्हें पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करने के मामले में तलब किया था, बुधवार को आयोग के सामने पेश हुए और लिखित माफीनामा सौंपा।

आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने उनसे अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़ी चार जगहों पर जाकर मत्था टेकने (श्रद्धा व्यक्त करने) को कहा। इस घटना पर अपना पक्ष रखते हुए रवनीत सिंह ने कहा कि "वह अनुसूचित जाति समुदाय का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अनजाने में कहे गए शब्दों के लिए उन्हें गहरा खेद है।"

उन्होंने आयोग को लिखित माफीनामा भी सौंपा। अपने माफीनामे में रवनीत सिंह ने माना कि उनके इस्तेमाल किए गए शब्द कानूनी रूप से गलत थे और बताया कि उन्होंने विवादित वीडियो भी हटा दिया है।

यह विवाद संगरूर जिले के धुरी शहर में नगर परिषद चुनाव के लिए वोटिंग के दौरान हुआ था। रवनीत सिंह ने भाजपा नेता की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पुलिस अधिकारियों से बहस की थी। जब विवाद बढ़ा, तो आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों और अनुसूचित जाति समुदाय के बारे में आपत्तिजनक और जाति-सूचक टिप्पणियां कीं।

इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया, पुलिस से रिपोर्ट मांगी और रवनीत सिंह को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए बुलाया।

इससे पहले, आयोग के सामने दो सुनवाइयों के दौरान रवनीत सिंह का पक्ष उनके वकीलों ने रखा था। हालांकि, कड़ा रुख अपनाते हुए आयोग ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। आयोग ने पाया कि रवनीत सिंह के शब्दों और वीडियो हटाने से जुड़ी परिस्थितियों ने समाज की भावनाओं को आहत किया है और इससे पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता है।

भविष्य में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने रवनीत सिंह को चार धार्मिक स्थलों पर जाकर मत्था टेकने का निर्देश दिया। ये स्थल हैं - डेरा बाबा ब्रह्मदास (डॉ. बी.आर. अंबेडकर के जीवन से जुड़ी जगह), डेरा संत सरवन दास सचखंड बल्लां (गुरु रविदास महाराज से जुड़ा), भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल और अमृतसर में श्री दरबार साहिब।

आयोग ने मामले में अपने निर्देशों के तहत उन्हें इन धार्मिक स्थलों पर जाने और सम्मान व्यक्त करने का आदेश दिया।

--आईएएनएस

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