सीएक्यूएम ने एनसीआर में लागू किए गए उपायों की समीक्षा की, 14 इकाइयों को बंद करने का प्रस्ताव दिया
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में निरीक्षण परिणामों और लागू किए गए उपायों की समीक्षा की।
प्रदूषण से जुड़े नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए आयोग ने 14 नियमों का पालन न करने वाली इकाइयों को बंद करने और 27 संस्थानों में डीजल जनरेटर सेट को सील करने का प्रस्ताव दिया है।
इन घटनाक्रमों पर मंगलवार को हुई प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की 127वीं बैठक के दौरान चर्चा की गई।
इस बैठक में 19 फरवरी से 13 मार्च के बीच कई क्षेत्रों में किए गए निरीक्षणों की जांच की गई, जिनमें निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियां, उद्योग, सड़क की धूल का प्रबंधन और डीजल जनरेटर (डीजी) सेट से जुड़े उल्लंघन शामिल थे।
आयोग के मुताबिक, 16 दिनों की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान कुल 79 निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त हुईं।
इन रिपोर्टों के आधार पर, 14 इकाइयों को बंद करने का प्रस्ताव दिया गया है, 27 इकाइयों के डीजी सेटों को सील करने का प्रस्ताव दिया गया है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का पालन न करने के लिए 20 संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किए गए हैं।
ईटीएफ ने नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं से समय पर जवाब देने की जरूरत पर जोर दिया और उन्हें निर्देश दिया कि वे प्रारंभिक निरीक्षण रिपोर्ट जारी होने के पांच दिनों के भीतर अपना जवाब जमा करें।
इसने निरीक्षण तंत्र को मजबूत करने की भी सिफारिश की, जिसके तहत फ्लाइंग स्क्वाड टीमों में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों या दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, ताकि नियमों को लागू करने में ज्यादा जवाबदेही और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
कार्य बल ने सड़क धूल प्रबंधन से संबंधित क्षेत्र-विशिष्ट प्रवर्तन की समीक्षा की, जिसमें दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगर परिषद, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम, दिल्ली छावनी बोर्ड और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जैसी एजेंसियों द्वारा अनुरक्षित क्षेत्र शामिल थे।
इन निरीक्षणों के दौरान पाई गई कमियों के आधार पर सुधारात्मक उपाय किए गए, जिनमें दोषी एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करना शामिल था।
आयोग ने 17 मार्च तक लागू किए गए उपायों की कुल स्थिति की भी समीक्षा की और पाया कि फ्लाइंग स्क्वाड ने अब तक एनसीआर में कुल 26,498 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थाओं का निरीक्षण किया है।
इन निरीक्षणों के आधार पर नियमों का पालन न करने के लिए 1,743 इकाइयों को बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें से 1,317 इकाइयों को नियमों के पालन की जांच के बाद फिर से काम शुरू करने की अनुमति दी गई है, जबकि 123 मामलों को अंतिम फैसले के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों या दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के पास भेजा गया है।
बाकी 303 संस्थाओं से पुनः शुरू करने के अनुरोधों की वर्तमान में उचित प्रक्रिया के अनुसार जांच की जा रही है।
क्षेत्र में वायु प्रदूषण से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आयोग ने एनसीआर में प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रवर्तन, मजबूत अंतर-एजेंसी समन्वय और पर्यावरणीय मानदंडों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
--आईएएनएस
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