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कोलकाता तारातला गोदाम हादसा: मलबे में फंसे मजदूरों की चीखें सुनाई देने का दावा, बचाव अभियान जारी

कोलकाता, 24 जून (आईएएनएस)। कोलकाता के तारातला में बन रहे एक गोदाम की छत गिरने के बाद वहां मौजूद मजदूरों ने बताया कि उन्हें अब भी मलबे में फंसे मजदूरों की चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
 
कोलकाता तारातला गोदाम हादसा: मलबे में फंसे मजदूरों की चीखें सुनाई देने का दावा, बचाव अभियान जारी

कोलकाता, 24 जून (आईएएनएस)। कोलकाता के तारातला में बन रहे एक गोदाम की छत गिरने के बाद वहां मौजूद मजदूरों ने बताया कि उन्हें अब भी मलबे में फंसे मजदूरों की चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही हैं।

इस घटना के बाद कम से कम 50 से 60 मजदूरों के फंसे होने की आशंका थी।

उसी गोदाम में काम करने वाली सोनी देवी ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए बताया, "हमें सुबह 11 बजे एक फोन आया कि पूरी कंपनी गिर गई है, कृपया हमें बचाने आएं। मैं दूर से आई, अपने बच्चे को स्कूल भी नहीं छोड़ा। अंदर 13 लोग हैं। वे मदद के लिए चिल्ला रहे हैं। उनके मोबाइल बंद हो गए हैं।"

एक मजदूर ने पत्रकारों को बताया कि गोदाम में 40 से 50 मजदूर काम करते थे।

उन्होंने कहा, "लोग अभी भी फंसे हुए हैं। हम मलबे के नीचे से उनकी चीखें सुन सकते हैं। यहां हर समय 30-40 लोग काम करते थे।"

अधिकारियों ने बताया कि तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और लगभग 13 मजदूरों को बचाया गया। घायलों को इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया।

बचाए गए घायलों में से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।

भारतीय सेना, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और कोलकाता पुलिस के जवान युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रहे थे।

गिरी हुई छत के हिस्सों को हटाने के लिए क्रेन और गैस कटर लाए गए हैं।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, जिन्होंने स्थिति का जायजा लिया, बुधवार को बाद में घटनास्थल का दौरा करेंगे।

राज्य की नगरपालिका मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुकी थीं और बचाव कार्यों की देखरेख कर रही थीं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार दोपहर निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक गिर गई। गोदाम के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे और मलबे के नीचे फंस गए।

स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और बाद में सूचना मिलने पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।

मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री के अंदर वेल्डिंग के काम के दौरान कोई समस्या हुई थी। उस समय वहां 50 से 60 मजदूर काम कर रहे थे। कुछ स्थानीय लोगों को लगा कि मंगलवार को हुई भारी बारिश से निर्माण सामग्री कमजोर हो गई होगी, जिससे वह अचानक गिर गई।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी