कोलकाता हाईकोर्ट ने नबन्ना के बाहर ईडी की छापेमारी के विरोध में भाजपा की याचिका खारिज की
कोलकाता, 15 जनवरी (आईएएनएस)। कोलकाता हाईकोर्ट की एकल-न्यायाधीश पीठ ने गुरुवार को भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई की एक याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ईडी की आई-पैक पर छापेमारी में कथित रूप से बाधा डालने के विरोध में हावड़ा जिले के मंदिरतला स्थित राज्य सचिवालय नबन्ना के सामने प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी गई थी।
याचिका खारिज करते हुए कि न्यायमूर्ति घोष ने राज्य सरकार के इस तर्क को स्वीकार किया कि चूंकि नबन्ना एक उच्च सुरक्षा क्षेत्र है, इसलिए किसी भी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन ठीक उसके सामने आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इसके बजाय, न्यायमूर्ति घोष ने विरोध प्रदर्शन के लिए पास के मंदिरतला क्रॉसिंग को वैकल्पिक स्थान के रूप में सुझाया।
पता चला है कि भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने एकल-न्यायाधीश के इस आदेश के खिलाफ कोलकाता हाईकोर्ट की खंडपीठ में अपील करने का निर्णय लिया है।
13 जनवरी को भाजपा की राज्य इकाई ने नबन्ना के सामने विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई गुरुवार को हुई और सुनवाई के अंत में भाजपा की याचिका खारिज कर दी गई।
8 जनवरी को, जब ईडी ने आई-पैक कार्यालय और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया, तब मुख्यमंत्री, राज्य प्रशासन और राज्य पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कथित तौर पर कुछ कागजी फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज एकत्र किए और उनको अपने साथ लेकर परिसर से चले गए।
पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई ने कोलकाता से सटे हावड़ा जिले के मंदिरतला स्थित नबन्ना में राज्य सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था। हालांकि, नबन्ना उच्च सुरक्षा क्षेत्र होने के कारण, इसके सामने विरोध प्रदर्शन करने के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है।
इसलिए, भाजपा की राज्य इकाई ने इसके लिए सीधे कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल-न्यायाधीश पीठ से अनुमति मांगी।
--आईएएनएस
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