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अभिषेक बनर्जी की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, जांच से जुड़ी खबरों पर रोक की मांग

कोलकाता, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियों की ओर से चल रही जांच से संबंधित खबरों के प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग की गई है।
 

कोलकाता, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियों की ओर से चल रही जांच से संबंधित खबरों के प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग की गई है।

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मामले की तत्काल सुनवाई संभव नहीं है। अदालत की वाद सूची के अनुसार, इस याचिका पर अब इस साल नवंबर या दिसंबर में सुनवाई होने की संभावना है।

पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने न्यायमूर्ति कृष्ण राव की अध्यक्षता वाली दूसरी एकल पीठ के समक्ष यह याचिका दायर की थी। हालांकि, न्यायमूर्ति राव ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था, लेकिन याचिका खारिज नहीं की थी। उन्होंने बनर्जी को उचित पीठ के समक्ष जाने की सलाह दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि जांच एजेंसियां मीडिया को सूचनाएं लीक कर रही हैं।

इसके बाद अभिषेक बनर्जी के वकील ने न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। उनके वकील ने दलील दी कि जांच से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मीडिया में लीक होने और प्रकाशित होने के कारण उनके मुवक्किल को ‘मीडिया ट्रायल’ का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि, न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की और स्पष्ट किया कि मामले पर अदालत की नियमित वाद सूची के अनुसार सुनवाई होगी।

अभिषेक बनर्जी पिछले कुछ समय से केंद्रीय जांच एजेंसियों, जिनमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शामिल हैं, की ओर से विभिन्न मामलों में चल रही जांच का सामना कर रहे हैं।

इस साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के पश्चात आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) समेत राज्य की अन्य एजेंसियों ने भी उनसे जुड़े कुछ मामलों में जांच शुरू की। इन जांचों के सिलसिले में सीआईडी के अधिकारियों ने डायमंड हार्बर के सांसद से कई बार पूछताछ की है।

अभिषेक बनर्जी के वकील का आरोप है कि पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं की ओर से पूछे गए सवालों सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मीडिया में लीक की जा रही हैं।

याचिका में अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्राओं और अन्य निजी मामलों से संबंधित खबरों पर भी चिंता जताई गई है। उनके वकील के अनुसार, इन जानकारियों का जांच के दायरे में शामिल मामलों से सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं है।

अभिषेक बनर्जी के वकील ने दलील दी कि इस तरह की खबरों के प्रकाशन से उनके मुवक्किल की व्यक्तिगत निजता के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। साथ ही, इससे उनकी गरिमा और प्रतिष्ठा भी प्रभावित हो रही है।

याचिका में जांच से जुड़ी जानकारियों और निजी सूचनाओं के सार्वजनिक होने की आशंका का हवाला देते हुए संबंधित मामलों की जांच के बारे में खबरों के प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग की गई है। हालांकि, अदालत ने मामले की सुनवाई निर्धारित समय से पहले करने की मांग स्वीकार नहीं की। अब इस याचिका पर सुनवाई नियमित प्रक्रिया के तहत अदालत की वाद सूची में शामिल किए जाने के बाद होगी।

--आईएएनएस

डीएससी