उपचुनाव परिणाम कर्नाटक की राजनीति की दिशा तय करेंगे: बसवराज बोम्मई
मंड्या, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने विश्वास जताया है कि बागलकोट और दावणगेरे विधानसभा उपचुनावों में भाजपा जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि इन चुनावों के नतीजे राज्य की राजनीति की दिशा तय करने वाले साबित होंगे।
मीडिया से बातचीत में बोम्मई ने कहा कि राज्य सरकार के तीन साल पूरे हो चुके हैं और अब उसका “असल चेहरा सामने आ गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार के खिलाफ व्यापक असंतोष है, जो आने वाले समय में मजबूत एंटी-इंकम्बेंसी लहर में बदल जाएगा।
गैस की कमी के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस पर स्थिति को और बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने खाद्य मंत्री के.एच. मुनियप्पा के बदलते रुख पर भी सवाल उठाए।
वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए बोम्मई ने कहा कि कई देशों में संघर्ष के कारण पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, लेकिन भारत में स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का कोई फायदा नहीं है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने इराक युद्ध के दौरान की स्थिति को याद किया और कहा कि उस समय पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई थीं।
बाद में मंड्या जिले में गेड्डालगेरे ग्राम पंचायत को मद्दुर टाउन म्युनिसिपैलिटी में विलय के विरोध में आयोजित धरना और सत्याग्रह में शामिल होने के बाद बोम्मई ने राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जनता की इच्छा के अनुसार काम करना चाहिए, लेकिन यहां सरकार जनता के खिलाफ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बिना लोगों की सहमति के ग्राम पंचायत का नगर निकाय में विलय करना असंवैधानिक है और यह संविधान तथा जनभावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन देने का आश्वासन भी दिया।
बोम्मई ने बताया कि कर्नाटक में विकेंद्रीकरण की व्यवस्था पूर्व मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े और अब्दुल नजीर साब के नेतृत्व में शुरू हुई थी। उन्होंने 73वें संविधान संशोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें ग्राम, तालुक और जिला पंचायतों को अधिकार देने का प्रावधान है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पी. वी. नरसिम्हा राव के योगदान को भी याद किया, जिनके कार्यकाल में 73वां और 74वां संविधान संशोधन लागू हुआ।
अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बोम्मई ने कहा कि किसानों के बच्चों के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जिससे करीब 11 लाख छात्रों को लाभ मिला।
उन्होंने कहा कि किसानों ने बढ़ती आबादी के बावजूद देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की है।
कार्यक्रम के अंत में मंड्या तालुक के एलेचकनहल्ली गांव में बोम्मई का सम्मान भी किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों का सम्मान किसी भी पुरस्कार से बड़ा होता है और यह उन्हें और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है।
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