जयपुर में विरोध प्रदर्शन: डोटासरा ने एलपीजी की बढ़ती कीमतों और कमी पर चिंता जताई
जयपुर, 27 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस ने देश में एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने देश भर में एलपीजी की व्यापक कमी से आम लोगों को हो रही कथित परेशानियों के विरोध में शुक्रवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर एक विशाल धरना और प्रदर्शन का आयोजन किया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने से पहले महंगाई पर अंकुश लगाने, भ्रष्टाचार को खत्म करने, रोजगार सृजन करने और भारत की विदेश नीति को मजबूत करने का वादा किया था। हालांकि, देश की मौजूदा स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में प्रधानमंत्री ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों की महिलाओं को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराकर पारंपरिक चूल्हों के धुएं से मुक्ति दिलाने का वादा किया था। आज देश उसी गैस की कमी से जूझ रहा है। लोग लंबी कतारों में खड़े हैं और खाना पकाने वाली गैस पर निर्भर उद्योग संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने भाजपा नेताओं पर जनता की कठिनाइयों को नजरअंदाज करते हुए केवल 'जुमले' पेश करने का आरोप लगाया।
डोटासरा ने आगे आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास एक सुसंगत विदेश नीति का अभाव है और वह किसानों की आय दोगुनी करने सहित कई महत्वपूर्ण वादों को पूरा करने में विफल रही है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार पिछली कांग्रेस सरकारों द्वारा शुरू की गई योजनाओं का मात्र नाम बदल रही है।
नोटबंदी के प्रबंधन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार, आतंकवाद और नकली मुद्रा के उन्मूलन तथा किसानों की आय में सुधार के लिए 50 दिन का समय मांगा था। उन्होंने कहा कि इनमें से कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं हुआ है।
कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आसन्न संकट की चेतावनी दी थी, लेकिन केंद्र सरकार पर्याप्त तैयारी करने में विफल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अचानक लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से भारी परेशानी हुई और लोग बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।
डोटासरा ने बढ़ती महंगाई और ईंधन की कमी को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि अब लोगों को एलपीजी, सीएनजी, पेट्रोल और डीजल के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों पर पेट्रोल सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का बोझ बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार 2047 तक की दीर्घकालिक योजनाओं की बात तो करती है, लेकिन निकट भविष्य के लिए उसमें स्पष्टता और योजना का अभाव है।
--आईएएनएस
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