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त्रिपुरा: दुर्गा पूजा से पहले भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी

अगरतला, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव से पहले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और त्रिपुरा पुलिस भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा और कड़ी करेंगी। साथ ही, राज्य पुलिस त्योहारों के दौरान नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान भी चलाएगी।
 

अगरतला, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव से पहले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और त्रिपुरा पुलिस भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा और कड़ी करेंगी। साथ ही, राज्य पुलिस त्योहारों के दौरान नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान भी चलाएगी।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीएस राव ने कहा कि दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान बीएसएफ त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपनी निगरानी और मजबूत करेगी। राज्य पुलिस प्रमुख ने मीडिया को बताया कि त्रिपुरा पुलिस सीमावर्ती गांवों में भी निगरानी बढ़ाएगी।

प्रस्तावित स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में राव ने कहा कि त्रिपुरा और बांग्लादेश के बीच कुल 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा में से 806 किलोमीटर पर अब तक पूरी तरह से बाड़ लगाई जा चुकी है, जबकि बाकी 50 किलोमीटर का हिस्सा मुश्किल इलाकों, जल निकायों और घने जंगलों जैसे विभिन्न कारणों से बिना बाड़ के रह गया है।

राव ने कहा, "बीएसएफ और त्रिपुरा पुलिस मिलकर स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं और दोनों एजेंसियां ​​संयुक्त रूप से इस योजना को लागू करेंगी।"

इस साल जून में त्रिपुरा का दौरा करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले घोषणा की थी कि मोदी सरकार 'स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट' शुरू करके एक अभेद्य बॉर्डर ग्रिड बनाएगी, जिसमें ड्रोन, रडार, आधुनिक कैमरे और अन्य एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा।

गृह मंत्री ने त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में बीएसएफ को निर्देश दिया था कि वे घुसपैठ रोकने और बॉर्डर सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस स्टेशनों, पंचायतों और पटवारियों के साथ मिलकर काम करें।

त्रिपुरा बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है और तीन तरफ से पड़ोसी देश से घिरा हुआ है, जिससे यह पूर्वोत्तर राज्य सीमा-पार से पलायन, घुसपैठ, तस्करी और अन्य अपराधों से जुड़े मामलों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील और जोखिम वाला बन जाता है।

डीजीपी राव ने कहा कि त्योहारों के मौसम में त्रिपुरा पुलिस अगरतला और राज्य के दूसरे शहरी इलाकों में ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ एक खास अभियान चलाएगी। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए त्रिपुरा पुलिस और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) के करीब 11,000 जवानों को पूरे राज्य में तैनात किया जाएगा।

सीनियर आईपीएस अधिकारी ने कहा, "समाज-विरोधी गतिविधियों और अपराधों पर कड़ी नजर रखने के लिए चलती ट्रेनों और भीड़-भाड़ वाली या अहम जगहों पर सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए जाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि त्योहार के दौरान चौबीसों घंटे निगरानी रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अगरतला और दूसरे जिला कस्बों में वॉचटावर, 218 सीसीटीवी कैमरे और पुलिस व ट्रैफिक सहायता बूथ लगाए जाएंगे।

डीजीपी ने बताया कि पूजा के दिनों में एम्बुलेंस और दूसरी इमरजेंसी गाड़ियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए एक ग्रीन कॉरिडोर खोला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीक आवर्स (जब दुर्गा पूजा पंडालों में बहुत ज्यादा लोग आते हैं) के दौरान गाड़ियों और दो-पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।

ट्रैफिक पर ये रोक इसलिए लगाई जा रही है ताकि पूजा की मुख्य जगहों पर आने वाले भक्तों और लोगों की भीड़ को संभाला जा सके और त्योहार के दौरान इमरजेंसी सेवाओं की आवाजाही आसानी से हो सके।

इस साल पूरे त्रिपुरा में 2,900 से ज्यादा कम्युनिटी दुर्गा पूजा और 100 से ज्यादा पारिवारिक पूजाओं के आयोजन की संभावना है। इनमें से लगभग 720 पूजाएं वेस्ट त्रिपुरा जिले में होंगी, जहां भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है, जिसके लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट के इंतजाम करने होंगे।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी