'मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान छात्राओं पर बर्बर हमला', कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल का आरोप
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। कांग्रेस सांसद राष्ट्रीय राजधानी के लेडी हार्डिंग अस्पताल में घायल छात्र कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
अस्पताल से बाहर निकलने के बाद वेणुगोपाल ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल हुए थे और नारे लगा रहे थे, तभी पुलिस उन्हें वहां से ले गई।
उन्होंने कहा, "यह हमारी छात्राओं पर बेहद बर्बर हमला है। उनका सिर्फ इतना अपराध था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल हुई थीं और लोगों के सामने नारे लगा रही थीं। उसी समय पुलिस उन्हें वहां से ले गई। वहां कोई महिला पुलिस अधिकारी या महिला कांस्टेबल मौजूद नहीं थी।"
वेणुगोपाल ने आगे आरोप लगाया कि बाद में दो छात्राओं को महिला कांस्टेबलों द्वारा ले जाया गया और उनके साथ हिंसा की गई।
उन्होंने दावा किया, "अथिरा का कहना है कि पुलिस ने पूछा था कि क्या वे तभी आएंगी, जब वहां महिला पुलिसकर्मी मौजूद हों। पुलिस ने ये बातें कहीं और इसके बाद छात्राओं की पिटाई की गई।"
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा, "स्थिति बेहद गंभीर है। देश में ऐसे हालात बन रहे हैं कि अब अपनी आवाज उठाने पर छात्रों को पीटा जा रहा है। हमारी दो महिला सहयोगियों के साथ बुरी तरह मारपीट की गई और उन्हें पूरी रात अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।"
इससे पहले, मंगलवार को इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा और एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद घायल कार्यकर्ताओं से लेडी हार्डिंग अस्पताल में मुलाकात की थी।
एनएसयूआई ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शन आयोजित किया था, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान विनोद जाखड़ समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
आईवाईसी के एक बयान के मुताबिक, मनीष शर्मा, विनोद जाखड़ और एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने बाद में अस्पताल पहुंचकर घायल कार्यकर्ताओं का हालचाल जाना। संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।
विनोद जाखड़ ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि एनएसयूआई के सदस्य शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें निशाना बनाकर मारपीट की।
आईवाईसी ने घटना की निष्पक्ष जांच और कथित अवैध बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
--आईएएनएस
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