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तेलंगाना विधानसभा से बीआरएस के 24 विधायक दो दिनों के लिए निलंबित

हैदराबाद, 29 मार्च (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों को सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए तेलंगाना विधानसभा से दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया।
 
तेलंगाना विधानसभा से बीआरएस के 24 विधायक दो दिनों के लिए निलंबित

हैदराबाद, 29 मार्च (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों को सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए तेलंगाना विधानसभा से दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया।

स्पीकर गद्दम प्रसाद कुमार ने सदन में मौजूद बीआरएस के 24 सदस्यों को निलंबित करने की घोषणा की। यह घोषणा तब की गई जब विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू द्वारा पेश किया गया प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया।

मुख्य विपक्षी दल के विधायक, राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी पर लगे भ्रष्टाचार और अवैध खनन के आरोपों की जांच के लिए 'हाउस कमेटी' (सदन समिति) गठित करने की अपनी मांग को लेकर सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहे थे।

जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, बीआरएस सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया और एक हाउस कमेटी गठित करने की मांग की। उन्होंने स्थगन प्रस्ताव पेश करने की कोशिश की, लेकिन स्पीकर ने इसकी अनुमति नहीं दी।

बीआरएस सदस्य सदन के वेल (बीच के खाली हिस्से) में आ गए और नारे लगाने लगे, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

सरकार ने हाउस कमेटी की मांग को खारिज कर दिया। सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने तर्क दिया कि चूंकि सरकार ने 2014 से राज्य में कथित अवैध खनन की जांच के लिए पहले ही सीबी-सीआईडी जांच के आदेश दे दिए हैं, इसलिए हाउस कमेटी की कोई आवश्यकता नहीं है।

इस मुद्दे पर बीआरएस और कांग्रेस सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बीआरएस विधायक कौशिक रेड्डी द्वारा कडियम श्रीहरि के बारे में की गई कुछ टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष की ओर से कड़ा विरोध जताया गया।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और मंत्रियों ने बीआरएस पर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने बीआरएस सदस्यों को निलंबित करने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीआरएस हाउस कमेटी के गठन पर इसलिए अड़ी हुई है, क्योंकि वह कमेटी में शामिल अपने कुछ सदस्यों के जरिए मंत्री को ब्लैकमेल करना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने बीआरएस सदस्यों से कहा कि उनके पास जो भी सबूत हैं, वे उन्हें सीबी-सीआईडी के सामने पेश करें।

जब स्पीकर द्वारा सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने के लिए बीआरएस सदस्यों से बार-बार की गई अपील का कोई जवाब नहीं मिला, तो विधायी मामलों के मंत्री ने दो दिनों के लिए सदन से उनके निलंबन का प्रस्ताव पेश कर दिया।

विधानसभा में बीआरएस के उपनेता टी. हरीश राव, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव, और पूर्व मंत्री टी. श्रीनिवास यादव, जगदीश रेड्डी तथा गंगुला कमलाकर उन बीआरएस विधायकों में शामिल थे जिन्हें सदन से निलंबित किया गया था।

बाद में, बीआरएस विधायकों ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। विधानसभा का बजट सत्र 31 मार्च को समाप्त होने वाला है।

--आईएएनएस

एससीएच