सेवा संकल्प यात्रा मध्य प्रदेश-राजस्थान पहुंची, बीजेवाईएम फैला रही सेवा का संदेश
नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के जन-सेवा कार्य के उपलक्ष्य में 17 सितंबर को वडनगर और वाराणसी से शुरू हुई भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) की 'सेवा संकल्प यात्रा' चौथे दिन भी जारी रही। यह यात्रा देश भर में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और जन-भागीदारी का संदेश पहुंचा रही है।
गुजरात और उत्तर प्रदेश से एक साथ शुरू हुई यह यात्रा कई रास्तों से गुजरी और रविवार को मध्य प्रदेश और राजस्थान में दाखिल हुई।
इस दौरान हजारों कार्यकर्ता और आम नागरिक सेवा से जुड़े कामों में हिस्सा ले रहे हैं। एक जगह से दूसरी जगह जाने के अलावा, इस यात्रा का मकसद 'सेवा संकल्प' की भावना को सीधे लोगों तक पहुंचाना है। हर पड़ाव पर, बीजेवाईएम कार्यकर्ता समुदायों से मिल रहे हैं, स्थानीय मुद्दों को समझ रहे हैं, और ऐसे काम कर रहे हैं जिनका समाज पर सार्थक असर पड़े।
चुने हुए प्रतिनिधि और जन-नेता भी 'सेवा यात्री' के तौर पर शामिल हुए हैं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 'सेवा यात्री' के तौर पर हिस्सा लिया और खेड़ा जिले के कनिज गांव में ग्रामीणों के साथ 'जन संवाद' किया। भाजपा सांसद और सभी सेल्स के राष्ट्रीय प्रभारी वीडी शर्मा भी यात्रा के एक रूट में शामिल हुए और जमीनी स्तर की गतिविधियों में हिस्सा लिया।
उत्तर प्रदेश से राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और लोकसभा सांसद राजमणि कोल ने इसमें हिस्सा लिया, जबकि गुजरात के मंत्री कमलेश पटेल और रिवाबा जडेजा भी उन प्रमुख नेताओं में शामिल थे जिन्होंने सेवा के इन कामों में भाग लिया।
इन रास्तों पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सार्वजनिक जगहों और गांवों में “स्वच्छता अभियान” और सफाई कार्यक्रम, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए पेड़ लगाने के कार्यक्रम, भजन गायन और आध्यात्मिक सभाएं, नागरिकों से सीधे बातचीत के लिए जन चौपाल और जन संवाद, वृद्धाश्रमों का दौरा और बुज़ुर्गों की सेवा, और स्थानीय जरूरतों के आधार पर समुदाय से जुड़ने वाले अन्य कार्यक्रम शामिल हैं।
यह यात्रा इस सोच को दिखाती है कि सेवा कोई कभी-कभार की जाने वाली गतिविधि नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक लगातार बनी रहने वाली जिम्मेदारी है। इसका मकसद युवा पीढ़ी को निस्वार्थ सेवा, अनुशासन, दया और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे उन मूल्यों से जोड़ना है जो पिछले 25 सालों से प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन की पहचान रहे हैं।
--आईएएनएस
एमएस/
