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भाजपा छापेमारी और पदों का लालच देकर आप विधायकों को तोड़ना चाहती है : हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़, 6 नवंबर (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर कर रही है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), आयकर विभाग और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।
 

चंडीगढ़, 6 नवंबर (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर कर रही है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), आयकर विभाग और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।

मोगा की विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा से जुड़ी कई जगहों पर ईडी की लगभग 48 घंटे तक चली छापेमारी का जिक्र करते हुए चीमा ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी खाली हाथ लौट गई और उसे एक पैसा भी नहीं मिला। इससे एक बार फिर आप नेताओं को 'कट्टर ईमानदार' होने का प्रमाणपत्र मिल गया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा, आप विधायकों को मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता का लालच देकर उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए उकसाने की कोशिश कर रही है, लेकिन पंजाब के नेताओं ने ऐसे प्रलोभनों के आगे झुकने से इनकार कर दिया है।

अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दोहराते हुए अमनदीप कौर ने कहा कि छापेमारी, डराने-धमकाने या राजनीतिक दबाव के जरिए उन्हें या 'आप' की महिला नेताओं को चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने कहा कि वह पंजाब और यहां के लोगों के लिए लड़ना जारी रखेंगी।

चीमा ने कहा, "भाजपा का यह तरीका बन गया है कि जब भी किसी राज्य में चुनाव आते हैं तो वह केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करती है। ईडी, सीबीआई आयकर विभाग और यहां तक ​​कि चुनाव आयोग का भी इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने, उन पर आरोप लगाने और राजनीतिक दलों को बदनाम करने के लिए मीडिया में नैरेटिव बनाने में किया जा रहा है। इसका मकसद लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को कमजोर करना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाना है।"

पिछले पांच वर्षों में एक विधायक के रूप में अमनदीप कौर के समर्पित काम की तारीफ करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "ईडी की छापेमारी लगभग 48 घंटे तक चली, लेकिन उन्हें कोई भी आपत्तिजनक दस्तावेज या एक पैसा भी नहीं मिला। इससे साफ पता चलता है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक थी। एक निर्वाचित प्रतिनिधि और उनके परिवार पर इस तरह की लंबी तलाशी, पूछताछ और दबाव डालना उन्हें परेशान करने जैसा है और यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।"

उन्होंने कहा, "भाजपा, आप नेताओं को इसलिए निशाना बना रही है क्योंकि वे पंजाब, अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ मजबूती से खड़े हैं। भाजपा, आप विधायकों को मंत्री पद, राज्यसभा सदस्यता और अन्य ताकतवर पदों का लालच देकर उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए उकसाने की कोशिश कर रही है लेकिन हमारे नेता जनता की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्हें पदों या प्रलोभनों के जरिए खरीदा नहीं जा सकता।"

भाजपा की डराने-धमकाने और बांटने की राजनीति की निंदा करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य की जनता लोकतंत्र को कमजोर करने, विपक्षी दलों को अस्थिर करने और जनादेश को नुकसान पहुंचाने की हर कोशिश का मुंहतोड़ जवाब देगी।

इस बीच पार्टी की राज्य महिला विंग की अध्यक्ष अमनदीप कौर ने कहा, "ईडी ने मुझसे और मेरे परिवार से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी की। मेरे घर, दफ्तर, अस्पताल और मेरे माता-पिता, भाई व रिश्तेदारों के घरों की तलाशी ली गई। अधिकारियों ने लगभग 42-48 घंटों तक तलाशी ली और पूछताछ की, लेकिन अंत में उन्हें कोई दस्तावेज या एक पैसा भी नहीं मिला।"

अमनदीप कौर ने कहा कि भाजपा विपक्षी नेताओं को डराने और उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए मजबूर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, खासकर ऐसे समय में जब पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।

उन्होंने कहा, "महिलाओं के सशक्तीकरण और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने के बावजूद भाजपा उन महिला राजनेताओं को निशाना बना रही है जो प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं और जनता से जुड़े मुद्दों को उठा रही हैं।"

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी