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स्वतंत्रता दिवस समारोह में 'वंदे मातरम्' का गायन न करना कानून का उल्लंघन: राजीव चंद्रशेखर

तिरुवनंतपुरम, 16 अगस्त (आईएएनएस)। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में 'वंदे मातरम्' का गायन नहीं कराके कानून का उल्लंघन किया है।
 

तिरुवनंतपुरम, 16 अगस्त (आईएएनएस)। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में 'वंदे मातरम्' का गायन नहीं कराके कानून का उल्लंघन किया है।

तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक प्रेस वार्ता में राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करने पर राज्य सरकार को कानूनी और राजनीतिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज पर मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी का प्रभाव दिखाई दे रहा है।

चंद्रशेखर ने कहा, "किसी को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन से कानूनों का पालन किया जाए और किन्हें नजरअंदाज किया जाए।"

उन्होंने सवाल उठाया कि जब कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकारों ने केंद्र के निर्देशों का पालन किया तो केरल ने इस संबंध में आपत्ति क्यों जताई।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह विवाद राज्य सरकार पर इन दोनों संगठनों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी चेतावनी दी थी कि यदि इन संगठनों को शासन को प्रभावित करने की अनुमति दी गई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

यह विवाद 'हर घर तिरंगा' अभियान को लेकर संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों के बाद शुरू हुआ। यह अभियान 9 अगस्त से 17 अगस्त तक मनाया जा रहा है।

केरल के मुख्य सचिव बिश्वनाथ सिन्हा द्वारा जारी एक पत्र में संस्कृति मंत्रालय के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया था कि अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' का गायन भी किया जाए।

पत्र में अधिकारियों से राष्ट्रीय गीत के पूर्ण गायन संबंधी केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया था।

इस निर्देश को लेकर केरल में आलोचना और बहस शुरू हो गई। राज्य के अधिकारियों ने इसे एक तकनीकी मुद्दा बताते हुए कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस समारोहों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र में 'वंदे मातरम्' गाने का कोई निर्देश नहीं था।

राज्य के मंत्रियों ने कहा कि यदि इसे किसी सरकारी कार्यक्रम में शामिल किया जाता है, तो केवल संविधान सभा द्वारा स्वीकृत पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे।

इसके बाद सामान्य शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को सुबह 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने का निर्देश दिया, लेकिन राष्ट्रीय गीत का कोई उल्लेख नहीं किया।

तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में शनिवार को आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी 'वंदे मातरम्' नहीं गाया गया। इसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे।

बता दें कि राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान की तरह वैधानिक संरक्षण प्रदान किया गया है।

-- आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी