Aapka Rajasthan

इथेनॉल ब्लेंडिंग से किसानों की बढ़ी आय, प्रदीप भंडारी ने केजरीवाल के दावों को बताया गलत

मेरठ, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने रविवार को मेरठ जिले के कई गांवों का दौरा किया और केंद्र द्वारा शुरू किए गए इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के प्रभाव के बारे में किसानों से बातचीत की।
 

मेरठ, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने रविवार को मेरठ जिले के कई गांवों का दौरा किया और केंद्र द्वारा शुरू किए गए इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के प्रभाव के बारे में किसानों से बातचीत की।

इस दौरान भंडारी ने फाफुंडा और चंदासारा गांवों के गन्ने और चावल की खेती में लगे किसानों से मुलाकात भी की। भाजपा नेता ने कहा, किसानों ने बताया कि इथेनॉल मिश्रण की पहल शुरू होने के बाद से उन्हें गन्ने की फसल का समय पर भुगतान मिल रहा है, जिससे साहूकारों पर उनकी निर्भरता काफी कम हो गई है। उन्होंने गन्ने की खरीद दर में वृद्धि का भी जिक्र किया, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा का नया भरोसा मिला है।

भंडारी ने कहा कि कई किसानों ने बताया कि इस कार्यक्रम ने उनकी फसल के लिए एक नया बाजार खोल दिया है, जिससे गन्ने को पारंपरिक चैनलों के अलावा बिक्री का एक अतिरिक्त रास्ता मिल गया है।

भंडारी ने बताया कि जमीनी स्तर पर मिली प्रतिक्रिया से यह पुष्टि होती है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम किसानों के हित में है, इससे उनकी आय में वृद्धि होती है, ऋण पर निर्भरता कम होती है और उनका आर्थिक आत्मविश्वास मजबूत होता है।

भाजपा नेता भंडारी की किसानों के साथ इथेनॉल मिश्रण पर हुई बातचीत आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा शनिवार को ई-20 मुद्दे पर दिए गए भाषण के बाद हुई है।

भाजपा नेता ने शनिवार को अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट में कहा, "अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार के इंजन को नुकसान पहुंचाता है, हालांकि सच्चाई यह है कि इससे कार के त्वरण में सुधार होता है।"

उन्होंने दावा किया, "पिछले तीन वर्षों से तीन से चार करोड़ से अधिक चार पहिया वाहन और 20 करोड़ से अधिक दो पहिया वाहन लगभग 15 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर चल रहे हैं। फिर भी अब तक वाहन क्षति का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है।"

केजरीवाल द्वारा किसानों की चिंताओं को उजागर करने पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदीप भंडारी ने कहा, "केजरीवाल ने कहा था कि मिश्रण से किसानों को नुकसान होगा। असल में सबसे ज्यादा फायदा तो किसानों को ही हो रहा है। मक्का, चावल और गन्ना उगाने वाले किसान ही इससे सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि मक्का किसानों का इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में 40 प्रतिशत योगदान है।

उन्होंने दावा किया, "इस मिश्रण के बाद मक्का की कीमत किसानों को 2,400 रुपए प्रति क्विंटल की दर मिल रही है, जिसका मतलब है कि उनकी आय लगभग दोगुनी हो गई है।"

चावल की खेती के बारे में भंडारी ने कहा, "भारत मांग से अधिक चावल का उत्पादन करता है, इसलिए बचे हुए चावल का उपयोग इथेनॉल मिश्रण में किया जा रहा है और किसानों को इसके लिए भुगतान किया जा रहा है।"

इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता ने टिप्पणी की कि जो कोई भी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोलियम का विरोध कर रहा है, वह कहीं न कहीं उन विदेशी शक्तियों का समर्थन कर रहा है जो देश के मध्यम वर्ग और किसानों का समर्थन नहीं करती हैं। गन्ने के किसानों को अब 25,000 करोड़ रुपए का पूरा भुगतान मिल रहा है वह भी 15 दिनों के भीतर, इसका मतलब है कि उन्हें भी इससे फायदा हो रहा है।"

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी