राहुल के सुरक्षाकर्मियों ने सीएम शिवकुमार को मारा धक्का, भाजपा बोली-'वरिष्ठों का कोई सम्मान नहीं'
बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मियों द्वारा दिल्ली में एक विरोध मार्च के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को धक्का देने के मामले पर सवाल उठाया और अपनी ही पार्टी के नेतृत्व द्वारा एक मौजूदा मुख्यमंत्री को दिए जाने वाले सम्मान पर सवाल उठाया।
भाजपा4इंडिया ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट में इस घटना का एक वीडियो साझा किया और शिवकुमार का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वह विरोध प्रदर्शन में तो आए लेकिन "केतली से भाप की तरह गायब हो गए"।
भाजपा ने अपने पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी एक मौजूदा मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं। कोई सम्मान नहीं, कोई आदर नहीं, बस कांग्रेस शैली का अपमान।"
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक विजयेंद्र ने भी वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भी शिवकुमार को पार्टी के उच्च कमान से किस प्रकार का सम्मान और आदर प्राप्त होता है।
विजयेंद्र ने कहा, "आप राज्य में घूम-घूम कर जो चाहें कह सकते हैं लेकिन आपको अपने हाईकमान के गलियारों में कितना सम्मान और गरिमा मिलती है, यह पूरी दुनिया में सार्वजनिक जानकारी का विषय है!"
उन्होंने कहा कि शिवकुमार कांग्रेस हाईकमान के लिए उतने ही अपरिहार्य हैं जितना वे मानते हैं, यह भाजपा का विषय नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे किसी कन्नड़ भाषी का अपमान कन्नड़ भाषी लोगों के गौरव का मुद्दा है।
विजयेंद्र ने शिवकुमार पर कटाक्ष करते हुए पूछा, "क्या आपने इतना आत्मसम्मान बचाए रखा है कि आप अपने हाईकमान को इस बारे में बता सकें।"
इस बीच, मंगलवार को बेंगलुरु में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों और बड़ी सभाओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा कि अतीत में विरोध प्रदर्शनों में भाग लेते समय उन्हें इसी तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ा था और उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ को नियंत्रित करना आसान नहीं होता है।
परमेश्वर ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सुरक्षा सुनिश्चित करना वहां तैनात कर्मियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और उन तक अनधिकृत पहुंच को रोकना सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्यवश, उस समय मुख्यमंत्री भी वहां थे और भीड़ के बीच उन्हें हल्का धक्का लगा।"
--आईएएनएस
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