कर्नाटक : नागेंद्र को कैबिनेट में जगह देने पर बवाल, कांग्रेस का जवाब- अभी तक आरोपों की पुष्टि नहीं
बेंगलुरू, 10 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री वी. सुनील कुमार ने सोमवार को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर बड़ा आरोप लगाया। उनके मुताबिक, पूर्व मंत्री बी नागेंद्र को कैबिनेट में जगह दी जा रही है, जबकि उनके ऊपर कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम मामले में अनियमितता बरतने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगे हैं। सीबीआई ने अपनी जांच में उन्हें खुद एक मुख्य व्यक्ति के रूप में पेश किया है।
आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की ओर से नागेंद्र को क्लीन चिट दी जा चुकी है, जबकि ईडी अभी भी पूरे मामले की जांच कर रही है।
इस मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल किए गए आरोप पत्र के हवाले से सुनील कुमार ने यह आरोप लगाया कि एजेंसी ने अपनी जांच में यह पाया कि नागेंद्र की उस कथित घोटाले में बड़ी और अहम भूमिका रही।
सुनील कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में इस बात का जिक्र किया है कि पूर्व मंत्री बी नागेंद्र ने वाल्मीकि डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन अनियमितता मामले में बड़ी और अहम भूमिका निभाई थी। सीबीआई ने अपनी जांच पूरी होने के बाद तीन पेज की चार्जशीट दायर की और नागेंद्र को इस घोटाले के पीछे एक कथित मास्टरमाइंड के रूप में पाया।
इसके अलावा, सुनील कुमार ने 2 जून 2026 को सीबीआई की ओर से दिए गए बयान का भी जिक्र किया। यह बयान मुख्य रूप से नागेंद्र के विरोध में दाखिल की गई याचिका के संदर्भ में था।
सुनील कुमार का कहना है कि इन आरोपों और सीबीआई जांच के बावजूद भी कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने नागेंद्र को महज एक महीने के अंदर अपने कैबिनेट का हिस्सा बनाया।
सुनील कुमार ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इसका क्या मतलब है? क्या नागेंद्र कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का 'पेमेंट कोटा' हैं? आखिर मंत्रालय के आवंटन से किसे फायदा पहुंचा?
उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर कर्नाटक कैबिनेट कोटे के तहत 'भरपेट खाना' किसने खाया?
सुनील कुमार का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब नागेंद्र के कैबिनेट में शामिल होने को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। भाजपा नागेंद्र के कैबिनेट में शामिल होने का विरोध कर रही है और यह सवाल भी उठा रही है कि जब कथित वित्तीय अनियमितता मामले में उनके खिलाफ जांच जारी है, तो उन्हें कैबिनेट में शामिल करने का फैसला कैसे लिया जा सकता है?
इस बीच, मंत्री प्रियांक खड़गे ने कुलबर्गी में पत्रकारों से बातचीत में नागेंद्र के कैबिनेट में शामिल होने का बचाव किया। उन्होंने नागेंद्र को ‘दागी नेता’ बताए जाने पर भी सवाल उठाए।
खड़गे ने कहा, “आखिर कहां कहा गया है कि वो दागी हैं? भाजपा के हिसाब से देखें तो मैं भी एक दागी नेता हूं। भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसी कारण वो हमारी सरकार के कामकाज में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रही है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा 'सूखा राहत फंड' जारी करने को लेकर सड़कों पर आंदोलन कर रही है, जबकि इस फंड को जारी करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के पास है।
खड़गे ने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर किस अदालत में नागेंद्र को दोषी पाया गया है?
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा का जिक्र करते हुए कहा, “आखिर किस अदालत में नागेंद्र को दोषी पाया गया है? आखिर यही पूरा मामला है, तो मेरा सवाल है कि भाजपा ने बाकी के दागी नेताओं को टिकट क्यों दिया? अभी तक जनार्दन रेड्डी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि हुई है। आपको यह भी पता है कि पोक्सो जैसे आरोपों का सामना कौन कर रहा है?”
--आईएएनएस
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