भाजपा नेताओं ने हुमायूं कबीर को एनएच 24 को ब्लॉक करने के खिलाफ दी चेतावनी
कोलकाता, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष और नवादा विधायक हुमायूं कबीर के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने 6 दिसंबर को राष्ट्रीय राजमार्ग-12 (एनएच-12) को जाम करने की चेतावनी दी थी। यह तारीख पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के निर्माण कार्य की शुरुआत से जुड़ी हुई है। भाजपा ने कबीर की टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए इसे कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए चिंताजनक करार दिया।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कबीर को नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक में रुकावट डालने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
मजूमदार ने चेतावनी दी, "भारतीय न्याय संहिता के तहत, नेशनल हाईवे को ब्लॉक करना एक गैर-जमानती धारा के तहत आने वाला अपराध है। मैं विधायक से ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने का आग्रह करूंगा। बाबर का नाम इस्तेमाल करने से भी बचना बेहतर होगा। उन्हें मस्जिद का नाम बाबर से जोड़ने के बजाय किसी और के नाम पर रखना चाहिए।"
राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने भी हुमायूं कबीर के प्रस्तावित ब्लॉकेड की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि एजेयूपी अध्यक्ष राजनीतिक प्रासंगिकता खो चुके हैं। घोष ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हुमायूं कबीर अब राजनीति में अप्रासंगिक हो गए हैं। ऐसे लोगों को राजनीतिक कूड़ेदान में डाल देना चाहिए।"
भाजपा नेताओं की यह प्रतिक्रिया कबीर के उस प्लान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने 6 दिसंबर को एनएच-12 को ब्लॉक करने का ऐलान किया था।
टीएमसी के पूर्व नेता ने दावा किया कि रेजिनगर और बहरमपुर के बीच का करीब 30 किमी का हिस्सा उनके कंट्रोल में रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके सपोर्टर कृष्णानगर, डोमकल, जलंगी, सैंथिया, कंडी, बर्दवान और नवद्वीप समेत कई इलाकों में सड़कों पर उतरेंगे।
कबीर ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर प्रशासन या पुलिस ब्लॉकेड को रोकना चाहते हैं, तो उन्हें ऐसा करने की अपनी काबिलियत दिखानी होगी।
पिछले साल तृणमूल कांग्रेस से निकाले जाने के बाद, कबीर बाबरी मस्जिद का मुद्दा उठाकर पॉलिटिकल लाइमलाइट में लौटे थे। इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की पॉलिटिकल पार्टी, आम जनता उन्नयन पार्टी, बनाई। 6 दिसंबर के महत्व को याद करते हुए, कबीर ने 1992 में अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराए जाने की बरसी पर अपने होम एरिया बेलडांगा में एक मस्जिद बनाने के प्लान का ऐलान किया।
--आईएएनएस
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