ओडिशा: 23 अक्टूबर को कोटिया पंचायत का दौरा करेगा बीजेडी का प्रतिनिधिमंडल
भुवनेश्वर, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजेडी) का एक प्रतिनिधिमंडल 23 अक्टूबर को कोटिया पंचायत का दौरा करेगा। यह दौरा ओडिशा के कोरापुट जिले के पोटांगी ब्लॉक में स्थित कोटिया के कुछ गांवों में आंध्र प्रदेश द्वारा कथित तौर पर चुनाव से जुड़ी गतिविधियां चलाए जाने के विरोध में किया जा रहा है।
पार्टी ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि यह फैसला बीजेडी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक के निर्देशों और उनकी मंजूरी के बाद लिया गया है।
पार्टी ने अपने बयान में कहा, "मामले की गंभीरता और ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता तथा प्रशासनिक अधिकार पर इसके असर को देखते हुए इस प्रस्तावित दौरे का उद्देश्य जमीनी हालात का जायजा लेना और प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों की चिंताओं को समझना है।"
पार्टी ने यह भी बताया कि उसका प्रतिनिधिमंडल कोटिया के निवासियों से बातचीत करेगा, मौजूदा हालात का आकलन करेगा और विवादित क्षेत्र में पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की कथित गतिविधियों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी जुटाएगा।
16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में बीजेडी विधायक मनोहर रंधारी, पूर्व मंत्री जगन्नाथ सारका, रबी नारायण नंदा और रमेश माझी, तथा पूर्व सांसद झिना हिकाका समेत अन्य लोग शामिल हैं। दौरे के बाद प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक को सौंपेगा, ताकि पार्टी इस मामले में आगे की कार्रवाई कर सके।
बीजेडी ने कहा, "दौरे के बाद प्रतिनिधिमंडल एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा और इसे नवीन पटनायक को सौंपेगा, ताकि इस पर आगे विचार-विमर्श किया जा सके और उचित कार्रवाई की जा सके।"
पार्टी ने बीजेडी प्रमुख द्वारा मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को हाल ही में लिखे गए उस पत्र का भी जिक्र किया, जिसमें पटनायक ने ताजा घटनाक्रम को देखते हुए कोटिया मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की थी।
2024 के चुनावों से पहले भाजपा के चुनावी घोषणापत्र का हवाला देते हुए पटनायक ने कोटिया मामले से जुड़े अपने वादों को पूरा करने में विफल रहने पर भाजपा सरकार से सवाल किया था।
उन्होंने बताया कि सत्ताधारी भाजपा ने वादा किया था कि एक 'डबल इंजन सरकार' कोटिया मुद्दे को हमेशा के लिए सुलझा देगी, ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेगी और 'ओड़िया स्वाभिमान' को बहाल करेगी।
बीजेडी का मानना है कि राज्य सरकार को प्रभावी कदम उठाकर कोटिया के निवासियों के हितों और ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करनी चाहिए, और साथ ही स्थानीय लोगों की चिंताओं पर भी उचित ध्यान देना चाहिए।
--आईएएनएस
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