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बिकाजी के संस्थापक शिव रतन अग्रवाल का निधन, सीएम ने जताया दुख

जयपुर, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। दुनियाभर में मशहूर स्नैक्स कंपनी बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिव रतन अग्रवाल का गुरुवार को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्होंने 74 वर्ष में अंतिम सांस ली।
 
बिकाजी के संस्थापक शिव रतन अग्रवाल का निधन, सीएम ने जताया दुख

जयपुर, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। दुनियाभर में मशहूर स्नैक्स कंपनी बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिव रतन अग्रवाल का गुरुवार को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्होंने 74 वर्ष में अंतिम सांस ली।

बताया जा रहा है कि वह अपनी पत्नी के इलाज के सिलसिले में परिवार के साथ चेन्नई गए हुए थे। उनकी पत्नी की हाल ही में हार्ट बायपास सर्जरी हुई थी और उन्हें आराम की सलाह दी गई थी। परिवार उनकी रिकवरी के दौरान एक होटल में ठहरा हुआ था।

गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे अग्रवाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उनके निधन पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने शोक जताते हुए कहा कि बीकानेर के प्रसिद्ध उद्यमी और बीकाजी ग्रुप के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अग्रवाल के निधन पर गहरा शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि देश के प्रख्यात उद्योगपति और बिकाजी के प्रमुख शिव रतन अग्रवाल का अचानक निधन बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि बिकानेर की भुजिया को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले अग्रवाल का जाना अपूरणीय क्षति है।

उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

शिव रतन अग्रवाल ने बीकानेर से बिकाजी ब्रांड की शुरुआत की थी और एक छोटे से व्यवसाय को देश की अग्रणी पैकेज्ड स्नैक कंपनियों में बदल दिया। कंपनी की शुरुआत ‘शिवदीप फूड्स प्रोडक्ट्स’ के नाम से हुई थी, जिसका नाम उनके बेटे दीपक अग्रवाल पर रखा गया था। बाद में यही ब्रांड विकसित होकर बिकाजी बना।

हल्दीराम परिवार के साथ व्यवसायिक विभाजन के बाद उन्होंने अपना अलग रास्ता चुना और बीकानेर में भुजिया निर्माण का काम शुरू किया, जिसने आगे चलकर एक बड़े उद्योग का रूप ले लिया।

साल 1993 में कंपनी का नाम बदलकर ‘बिकाजी’ रखा गया, जो बीकानेर के संस्थापक राव बीका से प्रेरित है। इस नाम ने ब्रांड को क्षेत्रीय पहचान के साथ वैश्विक स्तर पर भी स्थापित किया।

--आईएएनएस

डीएससी