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बिहार सतर्कता विभाग ने तीन जिलों में इंजीनियर के परिसरों पर छापेमारी की, 10 लाख रुपए बरामद

पटना, 4 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार की विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) ने बुधवार को सड़क निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार से जुड़े कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई।
 

पटना, 4 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार की विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) ने बुधवार को सड़क निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार से जुड़े कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई।

इंजीनियर द्वारा ज्ञात आय स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के तहत सहरसा, पटना और औरंगाबाद में की गई।

सूत्रों के अनुसार, अब तक तलाशी के दौरान लगभग 10 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं।

एसवीयू की टीमें इंजीनियर द्वारा कथित रूप से अर्जित संपत्ति की सीमा का पता लगाने के लिए संपत्ति दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं।

तलाशी में विजय कुमार से जुड़े कई स्थान शामिल थे, जिनमें सहरसा स्थित उनका सरकारी कार्यालय और आवास भी शामिल है।

पटना में एसवीयू की टीमों ने दानापुर क्षेत्र में स्थित गोला रोड और महेश नगर के परिसरों पर छापेमारी की। दाउदनगर, औरंगाबाद में स्थित उनके आवास और अन्य संपत्तियों पर भी तलाशी ली गई।

समन्वित छापेमारी ने प्रशासनिक और विभागीय हलकों में हलचल मचा दी है।

सूत्रों के अनुसार, जांच इंजीनियर की ज्ञात आय के स्रोतों और उनके द्वारा अर्जित संपत्तियों की तुलना करने पर केंद्रित है। एजेंसी अचल संपत्तियों, वित्तीय निवेशों, बैंक लेनदेन और अन्य संदिग्ध संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।

इंजीनियर के खिलाफ अनुपातहीन संपत्ति के आरोपों के संबंध में मामला दर्ज होने के बाद एसवीयू ने यह अभियान शुरू किया।

एजेंसी ने अभी तक बरामद की गई कुल नकदी, दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों के बारे में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

तलाशी पूरी होने और जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच के बाद ही विजय कुमार द्वारा कथित रूप से अर्जित संपत्तियों की पूरी सीमा और मूल्य स्पष्ट हो पाएगा।

विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) सरकारी अधिकारियों की घोषित आय के स्रोतों और वार्षिक संपत्ति के खुलासों की जांच करके और उनकी वास्तविक संचित संपत्ति से तुलना करके उन पर कड़ी नजर रखती है।

यदि एजेंसी को किसी अधिकारी की घोषित आय और संपत्ति तथा उनकी वास्तविक संपत्ति के बीच विसंगति मिलती है, तो वह जांच शुरू कर सकती है और आय के ज्ञात स्रोतों के अनुपात से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

--आईएएनएस

एमएस/