नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले बिहार ईओयू अलर्ट, संदिग्धों पर रखी जा रही कड़ी निगरानी
पटना, 19 जून (आईएएनएस)। बिहार पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (ईओयू) ने 21 जून को दोबारा होने वाली नीट-यूजी 2026 से पहले निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए हैं। परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए, एजेंसी ने एक स्पेशल मॉनिटरिंग सेल बनाया है और कई संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
ईओयू के अनुसार, उन 135 लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिनकी पहचान पहले प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी, पेपर लीक, किसी और की जगह परीक्षा देने और दूसरी गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में हुई थी।
ईओयू ने एक पब्लिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उम्मीदवारों, माता-पिता और अभिभावकों से परीक्षा के दौरान धोखेबाजों और गलत जानकारी फैलाने वाले कैंपेन से सावधान रहने को कहा गया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी और असामाजिक तत्व छात्रों को ठगने की कोशिश कर सकते हैं। वे पैसे के बदले प्रश्न पत्र, उत्तर कुंजी या पक्की सफलता दिलाने का दावा करते हुए फर्जी फोन कॉल, मैसेज, ईमेल और सोशल मीडिया पोस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ईओयू की ओर से इसके लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स जैसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खास नजर रखी जा रही है।
जांच करने वालों को डर है कि धोखेबाज फर्जी प्रश्न पत्र, मनगढ़ंत उत्तर कुंजी या गुमराह करने वाली जानकारी फैला सकते हैं, जिसका मकसद उम्मीदवारों को धोखा देना और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाना हो सकता है।
ईओयू ने सलाह दी है कि अगर किसी को परीक्षा के पेपर या उत्तर पुस्तिका देने का दावा करने वाले कॉल, मैसेज, ईमेल या सोशल मीडिया मैसेज मिलते हैं, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन को सूचित करना चाहिए।
उम्मीदवारों और आम जनता से यह भी कहा गया है कि वे परीक्षा से जुड़ी बिना पुष्टि वाली जानकारी या सोशल मीडिया पोस्ट को आगे न भेजें। इसी के साथ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि गलत जानकारी फैलाने से छात्रों में घबराहट पैदा हो सकती है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
अगर ऑनलाइन ऐसा कोई कंटेंट दिखता है, जिसमें प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी लीक होने का दावा किया गया हो, तो लोगों को सलाह दी जाती है कि वे उसका स्क्रीनशॉट, पोस्ट लिंक, यूआरएल और अकाउंट की जानकारी जैसी डिटेल्स सुरक्षित रखें और जांच व कार्रवाई के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ साझा करें।
संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्टिंग के लिए, ईओयू ने एक मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर '9031829067' और नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर '1930' उपलब्ध कराया है।
ईओयू ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए संवेदनशील जगहों, परीक्षा केंद्रों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खास सतर्कता बरती जा रही है।
अधिकारियों ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एजेंसियों और परीक्षा अधिकारियों द्वारा जारी जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों, झूठे वादों या धोखाधड़ी का शिकार न बनें।
इसके अलावा यूनिट ने चेतावनी दी है कि परीक्षा में बाधा डालने या परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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