Aapka Rajasthan

पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में घिरे अनंत सिंह, बिहार विधानसभा सचिवालय ने भेजा नोटिस

पटना, 2 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा सचिवालय ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह को एक नोटिस जारी कर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों पर सात दिनों के भीतर अपना जवाब देने को कहा है।
 

पटना, 2 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा सचिवालय ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह को एक नोटिस जारी कर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों पर सात दिनों के भीतर अपना जवाब देने को कहा है।

यह नोटिस विधानसभा सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा स्पीकर प्रेम कुमार के निर्देश पर जारी किया गया था और सोमवार को अनंत सिंह को प्राप्त हुआ।

यह कार्यवाही जनता दल (यूनाइटेड) की एक शिकायत के बाद शुरू की गई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि अनंत सिंह ने पार्टी के खिलाफ काम किया है, और इसलिए उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करने की मांग की है।

जेडी (यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार को एक औपचारिक याचिका सौंपी थी, जिसमें मोकामा के विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।

पार्टी ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए अखबार की कतरनें, सीडी और अन्य सबूत जैसे दस्तावेज भी पेश किए। जांच करने के बाद स्पीकर ने विधानसभा सचिवालय को औपचारिक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया।

इसके तहत नोटिस जारी किया गया, जिसमें अनंत सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय दिया गया।

उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है। आगे की कार्यवाही उनके जवाब और इस मामले पर स्पीकर के विचार पर निर्भर करेगी।

यह विवाद हाल ही में हुए बिहार विधान परिषद चुनावों से जुड़ा है। इस दौरान अनंत सिंह ने पटना ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में जेडी (यू) उम्मीदवार नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया और 'जन सुराज' के उम्मीदवार अनुज कुमार के समर्थन में प्रचार किया।

नीरज कुमार एनडीए के आधिकारिक उम्मीदवार थे और जेडी (यू) के मुख्य प्रवक्ता भी हैं।

पार्टी उम्मीदवार का सार्वजनिक रूप से विरोध करने के कारण, जेडी (यू) ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक नीलम सिंह, दोनों को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया।

इससे पहले पार्टी ने केंद्रीय मंत्री और मुंगेर के सांसद राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच के मतभेदों को सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

जेडी (यू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी संकेत दिया था कि ललन सिंह इस विवाद को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप करेंगे, हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं के बीच के मतभेद नहीं सुलझ सके।

खबरों के अनुसार, ललन सिंह की टिप्पणियों से तनाव और बढ़ गया, जिससे सुलह कराने की कोशिशें और भी मुश्किल हो गईं।

अनंत सिंह के विरोध के बावजूद नीरज कुमार ने पटना ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। ​​इसके बाद उन्होंने ललन सिंह की ओर से दी गई बधाई और आशीर्वाद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। नीरज ने एक तीखी टिप्पणी भी की और कहा कि वह राजनीतिक कर्ज को ब्याज सहित चुकाएंगे।

हालांकि दो दिन बाद ही उनका रुख बदलता हुआ दिखा, जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से ललन सिंह की तारीफ करनी शुरू कर दी। इससे जेडीयू के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों में एक नया मोड़ आ गया है।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी