बिएल्सा ने उरुग्वे टीम के मुख्य कोच पद से दिया इस्तीफा
मोंटेवीडियो, 1 जुलाई (आईएएनएस): मार्सेलो बिएल्सा ने कहा कि वह फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण से उरुग्वे के बाहर होने के बाद टीम के मुख्य कोच पद से इस्तीफा दे देंगे।
दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे ग्रुप एच में तीसरे स्थान पर रहा। टीम ने काबो वर्डे और सऊदी अरब के खिलाफ ड्रॉ खेले, जबकि स्पेन से हार का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वह फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, 70 वर्षीय अर्जेंटीनी कोच मार्सेलो बिएल्सा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मेरे लिए यह विदाई बेहद पीड़ादायक है, क्योंकि जब मैंने इस परियोजना की जिम्मेदारी संभाली थी तब मुझमें काफी उम्मीदें थीं। जिस तरह इसका अंत हुआ और इतने लोगों, खासकर खिलाड़ियों ने जो प्रयास किए, उन्हें देखते हुए यह और भी दुखद है।"
उन्होंने आगे कहा, "जहां तक इस नतीजे की जिम्मेदारी का सवाल है, मुझे लगता है कि यह पूरी तरह मेरी है। हम जिस स्थान पर रहे, उसके लिए मेरे पास कोई बहाना नहीं है। संक्षेप में कहूं तो, मेरे पास उपलब्ध खिलाड़ियों की गुणवत्ता को देखते हुए मैं उनके संसाधनों का सही ढंग से उपयोग नहीं कर सका।"
मई 2023 में उरुग्वे के मुख्य कोच बनने के बाद बिएल्सा के मार्गदर्शन में टीम ने 16 मैच जीते, 12 ड्रॉ खेले और आठ मुकाबले गंवाए। उन्होंने मीडिया में आई उन खबरों को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि खिलाड़ियों के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए थे।
उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों ने शानदार समर्पण दिखाया। मैं इस दौर से अच्छी या बुरी छवि के साथ बाहर निकलता हूं, यह पूरी तरह खिलाड़ियों के साथ मेरे रिश्ते पर निर्भर करता है। उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया जिससे मैं उनका नेतृत्व न कर पाता या उन्हें सफलता दिलाने के लिए अपने पास मौजूद हर संसाधन का इस्तेमाल न कर पाता।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरी छवि कैसी बनती है या मेरे बारे में कैसी अटकलें लगाई जाती हैं, यह मेरे नियंत्रण से बाहर है और इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।"
बिएल्सा ने विशेष रूप से गोलकीपर फर्नांडो मुसलेरा की सराहना की। 40 वर्षीय मुसलेरा ने स्पेन के खिलाफ अंतिम ग्रुप मैच में हाफटाइम पर खुद को बदले जाने का अनुरोध किया था, क्योंकि उनकी गलती से एलेक्स बेएना ने 42वें मिनट में गोल किया था।
बिएल्सा ने कहा, "यह मुसलेरा के व्यक्तित्व को दर्शाता है। मैंने अपने करियर में कभी किसी खिलाड़ी को अपनी गलती के भावनात्मक असर के कारण खुद को बदलने का अनुरोध करते नहीं देखा। उन्हें लगा कि वह दूसरे हाफ के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं। मुझे यह उनकी असाधारण उदारता लगी, जो आज के फुटबॉल में बहुत कम देखने को मिलती है।"
उन्होंने दूसरे हाफ में रियल मैड्रिड के मिडफील्डर फेडेरिको वाल्वेर्दे को मैदान से बाहर बुलाने के अपने फैसले का भी बचाव किया। उस समय उरुग्वे को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए बराबरी का गोल करना जरूरी था।
बिएल्सा ने कहा, "आप कहते हैं कि 60वें मिनट में खिलाड़ी को बाहर करके मैंने उसे मुश्किल स्थिति में डाल दिया, लेकिन मैं इससे सहमत नहीं हूं। कोच खिलाड़ियों को बदलते हैं क्योंकि यह उनके काम का हिस्सा है। मुझे नहीं लगता कि मैंने किसी भी तरह से उन्हें असहज स्थिति में डाला।"
उन्होंने आगे कहा, "वाल्वेर्दे के साथ मेरा कभी कोई विवाद नहीं रहा। मुझे नहीं लगता कि मैंने किसी अन्य खिलाड़ी के लिए उनसे अधिक रियायतें दी होंगी, क्योंकि वह इसके हकदार हैं।"
--आईएएनएस
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