बीएचईएल का मुनाफा 3,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य, एचएमटी फैक्टरी भी जल्द होगी पुनर्जीवित: कुमारस्वामी
बेंगलुरु, 6 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने 3,000 करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कर्नाटक में हिंदुस्तान मशीन टूल्स (एचएमटी) फैक्टरी को भी जल्द से जल्द पुनर्जीवित करने का भरोसा दिलाया।
कुमारस्वामी बेंगलुरु के विजयनगर स्थित बीएचईएल परिसर में बीएचईएल कन्नड़ संरक्षण समिति की ओर से आयोजित 71वें कर्नाटक राज्योत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री का कार्यभार संभाला था, उस समय बीएचईएल का मुनाफा लगभग 200 करोड़ रुपये था, जो चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 1,500 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों की प्रगति उत्साहजनक है। बीएचईएल उन रणनीतिक विनिर्माण प्रतिष्ठानों में शामिल है, जिन्होंने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब मजबूती से मुनाफे की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कुमारस्वामी ने कहा, "बीएचईएल जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठान में आयोजित कर्नाटक राज्योत्सव समारोह का हिस्सा बनकर मुझे खुशी हो रही है।"
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों के कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत में योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठान राज्य की पहचान का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने बताया कि बीएचईएल में कन्नड़ भाषियों को बड़े पैमाने पर अवसर मिले हैं। वे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं और नीति निर्माण तथा प्रशासन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
बीएचईएल के मुश्किल दौर को याद करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक समय कंपनी गिरावट की ओर बढ़ रही थी, लेकिन सुधारात्मक कदमों से स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया गया। उन्होंने कहा, "200 करोड़ रुपये के मुनाफे से बीएचईएल अब 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के मुनाफे तक पहुंच गई है। हम 3,000 करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मैं इस उपलब्धि का श्रेय खुद को नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत करने वाले कर्मचारियों को देना चाहता हूं।"
उन्होंने कहा कि वर्तमान में फैक्टरी में लगभग 24,000 कर्मचारी कार्यरत हैं और आने वाले वर्षों में कर्मचारियों की संख्या दोगुनी होनी चाहिए।
एचएमटी को पुनर्जीवित करने की योजना पर कुमारस्वामी ने कहा कि कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर 1 नवंबर को बेंगलुरु में एचएमटी की कन्नड़ सीरीज की चार घड़ियां लॉन्च की गईं। इससे पहले कर्नाटक की समृद्ध विरासत के प्रतीक गंडभेरुंड को दर्शाने वाली एचएमटी घड़ियां भी लॉन्च की गई थीं। उन्होंने कहा कि इन घड़ियों को कन्नड़ लोगों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने लोगों से एचएमटी की घड़ियों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
कुमारस्वामी ने कहा, "युवा एचएमटी की घड़ियां खरीदने के लिए कई किलोमीटर लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं। सभी आयु वर्ग के लोग इन्हें खरीदने और पहनने में रुचि दिखा रहे हैं।" उन्होंने बताया कि एचएमटी फैक्टरी को फिर से शुरू करने के प्रयास जारी हैं और इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए कई बैठकें भी हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सदस्य वी.के. सारस्वत की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी, जिसकी सिफारिशें मिल चुकी हैं। फैक्टरी को पुनर्जीवित करने के संबंध में जल्द से जल्द फैसला लिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले में कई महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश दिए हैं।
कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित विजयलक्ष्मी देशमाने, लेखक एवं प्रस्तोता एन.ए. सोमेश्वर, राहुल देवराज और बीएचईएल कन्नड़ संरक्षण समिति के मानद अध्यक्ष सा. रा. गोविंदु सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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