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बेंगलुरु पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से निपटने के तरीके की समीक्षा की जाएगी : प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। बेंगलुरु के के.आर. सर्कल के पास सोमवार को एसआईआर को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के एक समूह को पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटाया था, जिसे लेकर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का बयान सामने आया है।
 

बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। बेंगलुरु के के.आर. सर्कल के पास सोमवार को एसआईआर को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के एक समूह को पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटाया था, जिसे लेकर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का बयान सामने आया है।

राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने मंगलवार को कहा कि सोमवार को प्रदर्शनकारियों के साथ बेंगलुरु पुलिस के बर्ताव की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार लोकतंत्र के लिए बुनियादी है और इसका सम्मान व संरक्षण किया जाना चाहिए।

एक बयान में खड़गे ने कहा कि उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि वे यह पक्का करें कि किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कोई रुकावट न आए। शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हमारे लोकतंत्र का मूल आधार है। इसका सम्मान किया जाना चाहिए, इसकी रक्षा की जानी चाहिए, और इसे कभी दबाया नहीं जाना चाहिए।

गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे पुलिस का सहयोग करें और अपनी सुरक्षा और दूसरों के अधिकारों की रक्षा के लिए अधिकारियों को जानकारी देते रहें। पुलिस आपके अधिकारों की रक्षा के लिए है, न कि आपकी आवाज को दबाने के लिए।

प्रियांक खड़गे ने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल बनाना भी है जिसमें हर नागरिक बिना किसी डर के आजादी और शांति से अपनी असहमति जाहिर कर सके।

उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में, शांतिपूर्ण असहमति कानून-व्यवस्था के लिए खतरा नहीं है। यह एक ऐसा अधिकार है जिसकी रक्षा कानून-व्यवस्था को करनी चाहिए।"

बता दें कि 12 अक्टूबर को बेंगलुरु पुलिस ने के.आर. सर्कल के पास प्रदर्शनकारियों के एक समूह को हिरासत में लिया और वहां से हटाया। ये लोग चुनाव अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च करने के लिए बिना पूर्व अनुमति के इकट्ठा हुए थे। प्रदर्शनकारी एसआईआर को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे।

बेंगलुरु सिटी पुलिस के अनुसार, यह समूह बिना अनुमति या पूर्व सूचना के इकट्ठा हुआ था, जिससे हाई कोर्ट के उन दिशानिर्देशों का उल्लंघन हुआ, जिनके तहत विरोध-प्रदर्शन केवल फ्रीडम पार्क जैसी निर्धारित जगहों पर ही किए जा सकते हैं।

पुलिस ने शुरू में भीड़ से फ्रीडम पार्क जाने का अनुरोध किया, और जब उन्होंने इनकार कर दिया, तो अधिकारियों ने उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया।

--आईएएनएस

एसडी/एबीएम