Aapka Rajasthan

बंगाल एसटीएफ: जैश कर्मी की महिला सहयोगी ने शहजाद भट्टी के नेटवर्क से ऐसे किया संपर्क

कोलकाता, 2 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ) के अधिकारियों ने संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद सहयोगी हमीम मंडल की महिला सहयोगी अर्पिता सरकार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की है। अर्पिता सरकार पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक समूह शाहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गुप्त संदेशों के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखती थी।
 

कोलकाता, 2 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ) के अधिकारियों ने संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद सहयोगी हमीम मंडल की महिला सहयोगी अर्पिता सरकार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की है। अर्पिता सरकार पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक समूह शाहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गुप्त संदेशों के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखती थी।

राज्य पुलिस के सूत्रों ने बताया कि हालांकि अर्पिता शुरुआत में हमीम की भर्ती थी, लेकिन बाद में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक समूह के संचालक भट्टी को दरकिनार करते हुए उससे स्वतंत्र रूप से संपर्क करते थे और अलग से निर्देश भेजते थे।

जांच अधिकारियों को संदेह है कि अर्पिता से स्वतंत्र रूप से संपर्क करके ये संचालक संभवतः उसे हनी-ट्रैप करने और महत्वपूर्ण व्यक्तियों, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के प्रशासनिक नेटवर्क में शामिल लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे।

हमीम और अर्पिता दोनों को पिछले सप्ताह एसटीएफ के जवानों ने गिरफ्तार किया था।

हमीम को शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान कस्बे से सबसे पहले गिरफ्तार किया गया, जबकि अर्पिता को उसी रात पड़ोसी राज्य झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्पिता के दो मोबाइल फोन एसटीएफ ने जब्त कर लिए हैं।

इन दोनों मोबाइल फोनों से अर्पिता और (एसबीएन) संचालकों के बीच हुए गुप्त संदेशों को समझने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

पुलिस पूछताछ के दौरान हमीम ने अर्पिता को एसबीएन संचालकों से मिलवाने की बात कबूल की थी।

हालांकि, घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अर्पिता में हनी-ट्रैपिंग के लिए एक माध्यम बनने की क्षमता को भांपते हुए एसबीएन संचालकों ने उससे व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना शुरू कर दिया और उसे निर्देश देने लगे।

घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अर्पिता ने पश्चिम बंगाल के कई प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क स्थापित करना शुरू कर दिया था, ताकि उनसे गोपनीय जानकारी प्राप्त की जा सके।

विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर प्रसारित की गई सोशल मीडिया रीलें लोगों को आकर्षित करने का एक संभावित माध्यम थीं।

हमीम और अर्पिता से पूछताछ करने के बाद, जांचकर्ताओं ने अन्य सोशल मीडिया हैंडल, जैसे कि 'राना', 'उजैर', 'आबिद जाट333' और 'हमद' आदि का पता लगाया।

जांच में पता चला कि ये सभी सोशल मीडिया हैंडल पाकिस्तानी संचालकों के थे। जांच में यह भी सामने आया कि इन पाकिस्तानी हैंडलों में ब्रिटेन और मैक्सिको के सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया था।

--आईएएनएस

एमएस/