बंगाल: 17 दिनों के बाद हथियारों का बड़ा अंतर-राज्यीय रैकेट पकड़ा गया
कोलकाता, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोमवार को बताया कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने पिछले 17 दिनों के निरंतर अभियान के बाद एक बड़े अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
राज्य पुलिस द्वारा सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया कि पिछले 17 दिनों के निरंतर अभियान में पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय एक संगठित अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस क्रम में बिहार के मुंगेर और झारखंड के हजारीबाग में महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की गई हैं।
बयान के अनुसार, यह अभियान इस वर्ष 25 सितंबर को दुर्गापुर से मोहम्मद फरहान उर्फ मुसान की गिरफ्तारी के साथ शुरू हुआ था। एसटीएफ के जवानों ने उसके पास से दो पिस्तौल, दो मैगजीन और 20 जिंदा कारतूस बरामद किए।
अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला की आगे की जांच की गई, जिसमें वित्तीय लेन-देन का भी पता लगाया गया। इसके परिणामस्वरूप 17 दिनों तक चलने वाले लंबे अभियान चलाए गए, जिससे पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड को शामिल करने वाले एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ और एसटीएफ के जवानों ने इस रैकेट के सरगनाओं को गिरफ्तार किया।
राज्य पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, एसटीएफ के जवानों ने उक्त रैकेट के सरगना माने जा रहे कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में बिहार के जमुई निवासी मोहम्मद फरहान (25 सितंबर), बिहार के ही मुंगेर निवासी मोहम्मद शाहनवाज आलम उर्फ गुड्डू (29 सितंबर), झारखंड के हजारीबाग निवासी गणेश राणा (4 अक्टूबर) और बिहार के ही जमुई निवासी पवन कुमार सिंह (3 अक्टूबर) शामिल हैं।
बयान में कहा गया कि गिरफ्तारी में 25 सितंबर को दो पिस्तौल और 20 कारतूस, अवैध हथियार बिक्री से प्राप्त 39 लाख रुपए की राशि, एक 9 मिमी पिस्तौल, एक मैगजीन और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। शेष सहयोगियों की पहचान करने और पूरे रैकेट को खत्म करने के लिए आगे की जांच जारी है।
पुलिस को संदेह है कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने अवैध हथियार बेचकर यह पैसा कमाया था।
पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस दोनों की एसटीएफ ने राज्य में अवैध हथियार तस्करी रैकेटों के खिलाफ नियमित कार्रवाई शुरू कर दी है।
--आईएएनएस
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