ममता बनर्जी के पास अब जनता को सुशासन देने का कोई एजेंडा नहीं: धर्मेंद्र प्रधान
कोलकाता, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल धीरे-धीरे संवैधानिक नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है। उन्होंने मालदा घटना का उदाहरण देते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में राज्य अब सुरक्षित नहीं है।
ये टिप्पणियां पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आई हैं।
भाजपा नेता का कहना है कि राज्य के लोग तृणमूल कांग्रेस सरकार के कुशासन से तंग आ चुके हैं और बदलाव चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल भर में पार्टी को समर्थन मिल रहा है।
झारग्राम पहुंचने के बाद प्रधान ने अपनी पार्टी के विश्वास को दोहराते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल राज्य में 'डबल इंजन' वाली सरकार के गठन का संकेत देता है।
मीडिया से बात करते हुए प्रधान ने कहा कि बंगाल धीरे-धीरे संवैधानिक नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास अब जनता को सुशासन देने का कोई एजेंडा नहीं है। शासन की यह शैली संविधान के विपरीत है।
केंद्रीय मंत्री ने मालदा जिले में हुई हालिया घटना का जिक्र किया, जहां मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित कार्य के लिए तैनात न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर भीड़ ने घेर लिया और उन पर हमला किया। उन्होंने इसे बिगड़ती कानून व्यवस्था का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि मालदा की घटना इसका एक उदाहरण है। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सुप्रीम कोर्ट को बयान देना पड़ा और सेना को तैनात करना पड़ा। यह किसी ऐसे राज्य में नहीं होता जहां कानून-व्यवस्था सुचारू रूप से चलती हो। ममता बनर्जी के शासन में बंगाल सुरक्षित नहीं है।
प्रधान ने आगे कहा कि पिछले एक दशक में भाजपा पश्चिम बंगाल में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी है, और उन्होंने पिछले चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्य में कई लोकसभा सीटें जीती हैं। पिछले विधानसभा कार्यकाल में भी यह प्रमुख विपक्षी दल बनकर उभरी थी। इस बार बंगाल की जनता ने राज्य में डबल इंजन वाली सरकार बनाने का दृढ़ संकल्प लिया है।
--आईएएनएस
एमएस/
