प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के रजिस्ट्रेशन के मामले में पश्चिम बंगाल दूसरे स्थान पर: सीएम सुवेंदु अधिकारी
कोलकाता, 19 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के रजिस्ट्रेशन के मामले में पश्चिम बंगाल अब देश में दूसरे स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि इस बीमा योजना के तहत 32 लाख किसानों को कवर किया गया है। उन्होंने कहा, "बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार अपने बजट से किसानों के बीमा प्रीमियम का बड़ा हिस्सा वहन कर रही है। बीमा कंपनियों को अगस्त की बाढ़ से प्रभावित किसानों के नुकसान का तुरंत आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें जल्द मुआवजा मिल सके।"
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पोस्ट में जिलेवार आंकड़े भी दिए। उन्होंने कहा, "15 सितंबर तक पूरे राज्य में किसानों का रजिस्ट्रेशन किया गया। बाढ़ प्रभावित जिलों में भी बड़ी संख्या में किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पूर्वी मिदनापुर में 7.23 लाख, पश्चिमी मिदनापुर में 4.73 लाख, हुगली में 1.68 लाख और झाड़ग्राम में 42 हजार किसानों के नाम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दर्ज किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसानों की सुविधा के लिए अगस्त से 15 सितंबर तक प्रत्येक गांव स्तर पर विशेष शिविर लगाए गए।"
उन्होंने दावा किया कि बीमा प्रीमियम का अधिकांश हिस्सा राज्य सरकार वहन कर रही है। उन्होंने बताया कि 1 हेक्टेयर या 2.50 एकड़ तक जमीन वाले किसानों को केवल 1 रुपए का प्रतीकात्मक शुल्क देना होगा।
उन्होंने कहा, "1 से 2 हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को प्रति एकड़ 100 रुपए का भुगतान करना होगा। बाकी प्रीमियम राज्य सरकार देगी। इसके साथ ही बीमा कंपनियों को अगस्त की बाढ़ से प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने के लिए तुरंत 'मिड-सीजन एडवर्सिटी' का आकलन करने को कहा गया है। इसके अलावा बैंकों के माध्यम से ऋण लेने वाले किसानों के रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है।"
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में सीएम ने पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू नहीं करने को लेकर पिछली ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "2019-20 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया था। इसके कारण पश्चिम बंगाल के किसान लंबे समय तक उचित बीमा सुरक्षा से वंचित रहे। हालांकि, राज्य में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए फसल बीमा की यह सुविधा दोबारा शुरू की गई। नई सरकार के तहत रजिस्ट्रेशन का पहला चरण शुरू हो चुका है और इसमें किसानों की ओर से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है।"
--आईएएनएस
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